जापान करेगा ₹6 लाख करोड़ का निवेश : PM मोदी बोले- हर तीसरी सुजुकी भारत में बन रही; ताकाइची को बताया छोटी बहन
नईदिल्ली.
भारत और जापान ने आर्थिक, औद्योगिक और तकनीकी सहयोग को नई ऊंचाई देने के लिए कई बड़े फैसले किए हैं। भारत-जापान जॉइंट इकोनॉमिक फोरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापानी निवेशकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए 'जापान बिजनेस वीक' शुरू करने का ऐलान किया।
इसके तहत प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के वरिष्ठ अधिकारी सीधे जापानी कंपनियों के प्रतिनिधियों से संवाद करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और जापान की साझेदारी केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा देने की क्षमता रखती है।

10 साल में 10 ट्रिलियन येन निवेश का लक्ष्य
दोनों देशों ने अगले दस वर्षों में भारत में 10 ट्रिलियन जापानी येन (करीब ₹6 लाख करोड़) के निवेश का लक्ष्य तय किया है। इसके साथ ही मंच पर 129 समझौता ज्ञापनों (MoUs) की घोषणा की गई, जिनका संबंध निवेश, मैन्युफैक्चरिंग, तकनीक, कौशल विकास और सप्लाई चेन से है।
इसके अलावा भारत में 2 ट्रिलियन येन (करीब ₹1.18 लाख करोड़) से अधिक के नए निवेश प्रस्तावों का भी ऐलान किया गया।


खरखौदा में मारुति सुजुकी के नए प्लांट का उद्घाटन
प्रधानमंत्री मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने हरियाणा के खरखौदा में मारुति सुजुकी के चौथे वाहन निर्माण संयंत्र का उद्घाटन किया। इस दौरान मोदी ने कहा कि आज दुनिया में बिकने वाली हर तीन में से दो सुजुकी कारें भारत में बन रही हैं, जिन्हें 100 से अधिक देशों में निर्यात किया जाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि जापान के सहयोग से देशभर में करीब 1,000 फर्टिलाइजर (खाद) संयंत्र स्थापित किए जाएंगे।

'छोटी बहन' कहकर किया स्वागत
अपने संबोधन की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी ने जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची को अपनी "छोटी बहन" कहकर संबोधित किया। जवाब में ताकाइची ने भी कहा कि वह प्रधानमंत्री मोदी को अपने "बड़े भाई" की तरह मानती हैं। उन्होंने कहा कि भारत और जापान एशिया की दो प्रमुख लोकतांत्रिक शक्तियां हैं और दोनों देश नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था तथा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए मिलकर काम करेंगे।
बुलेट ट्रेन परियोजना को भी मिलेगी गति
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में जापान की भूमिका को भी दोहराया गया। परियोजना की अनुमानित लागत करीब ₹2 लाख करोड़ है, जिसमें जापान लगभग ₹88 हजार करोड़ बेहद रियायती शर्तों पर उपलब्ध करा रहा है। इस ऋण पर केवल 0.1% वार्षिक ब्याज, 50 वर्ष की पुनर्भुगतान अवधि और 15 वर्ष की मोरेटोरियम अवधि दी गई है। जापान अब तक परियोजना के लिए 1,150 अरब येन मंजूर कर चुका है।

'मिनी जापान' बना राजस्थान का नीमराना
प्रधानमंत्री ने भारत में जापानी निवेश की सफलता का उदाहरण देते हुए राजस्थान के नीमराना का भी उल्लेख किया। यहां 50 से अधिक जापानी कंपनियां संचालित हो रही हैं, जिन्होंने हजारों करोड़ रुपये का निवेश किया है और 26 हजार से अधिक लोगों को रोजगार दिया है। यही वजह है कि नीमराना को भारत का 'मिनी जापान' कहा जाता है।
तकनीक, निवेश और उत्पादन का नया मॉडल
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की उत्पादन क्षमता, जापान की अत्याधुनिक तकनीक और दोनों देशों के निवेश का संयोजन भविष्य की वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए मजबूत मॉडल बन सकता है। उन्होंने उद्योग जगत से इस साझेदारी को अगले दशक में नई ऊंचाइयों तक ले जाने का आह्वान किया।
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