अमरनाथ यात्रा का पहला जत्था रवाना : 'बम-बम भोले' के जयकारों के बीच निकले श्रद्धालु; 28 अगस्त तक चलेगी यात्रा
जम्मू.
जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से गुरुवार तड़के अमरनाथ यात्रा-2026 का पहला जत्था बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए रवाना हो गया। सुबह करीब चार बजे जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रद्धालुओं को हरी झंडी दिखाकर यात्रा की शुरुआत कराई। इस दौरान पूरा परिसर 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयकारों से गूंज उठा।
57 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त यानी रक्षाबंधन तक जारी रहेगी। श्रद्धालु पहलगाम और बालटाल, दोनों पारंपरिक मार्गों से पवित्र गुफा तक पहुंचेंगे।

पहले जत्थे में केवल पंजीकृत श्रद्धालुओं को मिली अनुमति
पहले जत्थे में उन्हीं श्रद्धालुओं को शामिल किया गया, जिन्होंने पहले से यात्रा के लिए पंजीकरण कराया था। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि RFID कार्ड और ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करने वाले यात्रियों को ही यात्रा की अनुमति दी गई।
यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए इस बार डिजिटल सत्यापन और ट्रैकिंग व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया है।

अब तक 4 लाख श्रद्धालुओं ने कराया पंजीकरण
प्रशासन के अनुसार, अमरनाथ यात्रा-2026 के लिए अब तक करीब चार लाख श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं। यात्रा मार्ग पर सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, परिवहन, ठहरने की व्यवस्था, बिजली-पानी और हेल्प डेस्क जैसी सभी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई हैं।
यात्रा शुरू होने से एक दिन पहले उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने स्वयं बेस कैंप पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

चारधाम यात्रा में भी बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या
देशभर में धार्मिक यात्राओं को लेकर उत्साह लगातार बढ़ रहा है। चारधाम यात्रा में भी इस बार रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
30 जून तक बद्रीनाथ धाम में 13.92 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जबकि केदारनाथ में यह संख्या 13.68 लाख के करीब पहुंच गई है। मई के अंत तक केदारनाथ में श्रद्धालुओं की संख्या आगे थी, लेकिन जून के तीसरे सप्ताह के बाद बद्रीनाथ में दर्शनार्थियों की संख्या तेजी से बढ़ी और उसने बढ़त बना ली।
बद्रीनाथ में रोज पहुंच रहे 18 हजार से ज्यादा श्रद्धालु
मई के अंतिम सप्ताह तक केदारनाथ में प्रतिदिन 25 से 28 हजार श्रद्धालु पहुंच रहे थे, जबकि बद्रीनाथ में औसतन 15 से 18 हजार लोग दर्शन कर रहे थे। जून के अंतिम दिनों में यह स्थिति बदल गई और अब बद्रीनाथ में प्रतिदिन 18 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

धार्मिक यात्राओं में लगातार बढ़ रही भागीदारी को देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें, केवल अधिकृत पंजीकरण के साथ यात्रा करें और मौसम संबंधी सलाह पर विशेष ध्यान दें।
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