राम मंदिर ट्रस्टी अनिल मिश्रा से एक घंटे पूछताछ : अविनाश शुक्ला को रिमांड पर लिया गया; चढ़ावा चोरी के आरोपियों के घरों पर बुलडोजर की तैयारी
News Affair Team
Thu, Jul 2, 2026
अयोध्या / लखनऊ.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच लगातार तेज होती जा रही है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने गुरुवार को मंदिर परिसर पहुंचकर ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा से बंद कमरे में करीब एक घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान ट्रस्ट के आमंत्रित सदस्य गोपाल राव को कमरे के बाहर इंतजार कराया गया।
सूत्रों के अनुसार, इससे पहले ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से लगभग तीन घंटे तक पूछताछ की जा चुकी है। अब SIT आरोपियों की नियुक्ति, निगरानी व्यवस्था और ट्रस्ट पदाधिकारियों की भूमिका को लेकर अलग-अलग बिंदुओं पर पूछताछ कर रही है।
नियुक्तियों और जिम्मेदारियों की हो रही पड़ताल
जांच एजेंसी विशेष रूप से आरोपी लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा की नियुक्ति में ट्रस्ट पदाधिकारियों की भूमिका की जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि चढ़ावे की गिनती और उसकी निगरानी से जुड़े पूरे सिस्टम की जिम्मेदारी तय करना जांच का अहम हिस्सा है।

मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला रिमांड पर
उधर, जेल में बंद आरोपी अविनाश शुक्ला को पुलिस ने अदालत की अनुमति के बाद 24 घंटे की रिमांड पर लिया है। पुलिस को उसके घर से कथित तौर पर 20 लाख रुपये से अधिक नकदी, एक हजार से ज्यादा अमेरिकी डॉलर, आभूषण और राम मंदिर का एक संदूक मिला था।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी की रकम किन-किन लोगों तक पहुंची और इस पूरे नेटवर्क में और कौन शामिल था।
आरोपियों के मकानों पर चल सकता है बुलडोजर
मामले में आर्थिक अनियमितताओं की जांच के साथ प्रशासन ने आरोपियों की संपत्तियों की भी जांच शुरू कर दी है। अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने ऐसे मकानों की पहचान की है, जहां निर्माण नियमों के उल्लंघन की आशंका है।
आरोपी लवकुश मिश्रा के शहादतगंज स्थित निर्माणाधीन मकान और अनुकल्प मिश्रा के कौशलपुरी स्थित मकान पर कार्रवाई की तैयारी चल रही है। लवकुश की पत्नी सुप्रिया मिश्रा को प्राधिकरण की ओर से नोटिस भी जारी किया गया है।

ट्रस्ट के भीतर भी आरोप-प्रत्यारोप
मामले ने अब ट्रस्ट के भीतर भी मतभेद सामने ला दिए हैं। ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास ने सार्वजनिक रूप से कहा कि पूरे मामले की जिम्मेदारी गोपाल राव पर है। उनका आरोप है कि गोपाल राव के कारण ट्रस्ट की कार्यप्रणाली प्रभावित हुई और वे अनावश्यक विवाद खड़े करते रहे। हालांकि इन आरोपों पर गोपाल राव की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

500 से ज्यादा वकीलों का प्रदर्शन
गुरुवार को अयोध्या में 500 से अधिक अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन कर चंपत राय, डॉ. अनिल राय और गोपाल राव सहित अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। अधिवक्ताओं ने पुलिस को लिखित शिकायत भी सौंपी।
बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सभी जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच आवश्यक है।

79 लाख से ज्यादा नकदी और विदेशी मुद्रा बरामद
जांच के दौरान पुलिस ने विभिन्न आरोपियों के कब्जे से अब तक लगभग 79.85 लाख रुपये नकद, 1121 अमेरिकी डॉलर तथा सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। बरामदगी के आधार पर पुलिस धन के स्रोत और उसके इस्तेमाल की भी जांच कर रही है।

15 जुलाई तक बढ़ी SIT की समय-सीमा
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने SIT की जांच अवधि 15 जुलाई तक बढ़ा दी है। जांच टीम ने विस्तृत पड़ताल के लिए अतिरिक्त समय मांगा था।
सूत्रों के अनुसार, 6 जुलाई को प्रस्तावित राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय और डॉ. अनिल राय के इस्तीफे सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी लगातार सामने आ रही हैं। कांग्रेस ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इस मामले को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं।
उधर, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी और किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

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