मस्जिद पर बुलडोजर चला तो फूट-फूटकर रोईं महिलाएं : 55 फीट मीनार ढहाई, सपा सांसद बोले- कोर्ट जाएंगे; तीसरे दिन फिर होगी कार्रवाई
News Affair Team
Mon, Jun 8, 2026
संभल.
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के आरोप में मस्जिद मुस्तफा कादरी पर प्रशासन की कार्रवाई रविवार को लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बुलडोजर और हाइड्रा मशीनों की मदद से मस्जिद के बड़े हिस्से को ध्वस्त कर दिया गया। दो दिन में करीब 85 फीसदी मस्जिद ढहाई जा चुकी है। बाकी बचा हिस्सा आज पूरी तरह गिरा दिया जाएग।
कार्रवाई के दौरान मस्जिद की लगभग 55 फीट ऊंची मीनार को क्रेन से खींचकर गिराया गया। मस्जिद के सामने का हिस्सा और कई पिलर भी ढहा दिए गए हैं। पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। पांच थानों की पुलिस और पीएसी के जवान मौके पर तैनात हैं ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न बने।

महिलाओं का भावुक वीडियो आया सामने
बुलडोजर कार्रवाई के बीच गांव की मुस्लिम महिलाओं और बच्चियों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में महिलाएं रोते हुए प्रशासन से मस्जिद को न तोड़ने की अपील करती दिखाई दे रही हैं।
एक महिला हाथ जोड़कर कहती नजर आई कि गांव में यही एकमात्र मस्जिद है और समुदाय को किसी अन्य धर्मस्थल से कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने प्रशासन से कार्रवाई रोकने की भावनात्मक अपील भी की।

कब्रिस्तान की जमीन पर कब्जे का आरोप
राजस्व विभाग के अनुसार नखासा क्षेत्र के कसेरुआ गांव में स्थित यह मस्जिद कब्रिस्तान की सरकारी भूमि पर निर्मित पाई गई थी। तहसीलदार कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद 21 अप्रैल को मस्जिद कमेटी के खिलाफ बेदखली का आदेश पारित किया था।
प्रशासन का कहना है कि लगभग 120 वर्गमीटर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर मस्जिद का निर्माण किया गया था। मस्जिद प्रबंधक जाकिर हुसैन पर 1.12 लाख रुपए से अधिक का जुर्माना भी लगाया गया है।

‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर मिलने के बाद FIR
ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान मस्जिद परिसर से कथित रूप से ‘आई लव मोहम्मद’ लिखे पोस्टर और हरे रंग के झंडे बरामद होने का दावा किया गया। इसके बाद जामिया कमेटी से जुड़े सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक बरामद सामग्री की जांच की जा रही है और कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई होगी।
सपा सांसद ने कार्रवाई पर उठाए सवाल
संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने बुलडोजर कार्रवाई को गैरकानूनी बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित मस्जिद वक्फ बोर्ड में पंजीकृत थी और ऐसे मामलों की सुनवाई प्रशासनिक अदालतों के अधिकार क्षेत्र में नहीं आती।
बर्क ने कहा कि मामले को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी। उन्होंने कार्रवाई करने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कही।
प्रशासन का दावा- पर्याप्त मौका दिया गया
तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह के अनुसार मस्जिद कमेटी को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया गया था। हालांकि सुनवाई के दौरान ऐसा कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका, जिससे यह साबित हो कि मस्जिद निजी भूमि पर बनी है।
उन्होंने कहा कि राजस्व अभिलेखों में संबंधित भूमि कब्रिस्तान के रूप में दर्ज है। इसी आधार पर कार्रवाई की गई है और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
गांव में वर्षों से होती थी नमाज
स्थानीय लोगों का कहना है कि मस्जिद काफी पुरानी है और दशकों से यहां नमाज अदा की जा रही थी। ग्रामीणों के अनुसार शुक्रवार को यहां करीब 300 लोग नमाज पढ़ने आते थे। गांव की आबादी लगभग एक हजार है, जिनमें बड़ी संख्या मुस्लिम समुदाय की है।
हालांकि प्रशासन का कहना है कि भूमि स्वामित्व का निर्धारण भावनाओं से नहीं बल्कि राजस्व अभिलेखों और कानूनी दस्तावेजों के आधार पर किया जाता है।
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