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9th June 2026

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BRICS कृषि मंत्रियों की बैठक 9 जून से; 20 देशों के प्रतिनिधि जुटेंगे

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इंदौर बनेगा वैश्विक कृषि संवाद का केंद्र : BRICS कृषि मंत्रियों की बैठक 9 जून से; 20 देशों के प्रतिनिधि जुटेंगे

News Affair Team

Mon, Jun 8, 2026

इंदौर.

भारत की अध्यक्षता में होने जा रही ब्रिक्स (BRICS) कृषि मंत्रियों की बैठक इस बार कई मायनों में खास रहने वाली है। मध्य प्रदेश के इंदौर में 9 से 13 जून तक आयोजित होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में सदस्य और साझेदार देशों समेत करीब 20 देशों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि यह आयोजन वैश्विक खाद्य सुरक्षा, कृषि नवाचार और छोटे किसानों के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

दुनिया की कृषि व्यवस्था में BRICS की बड़ी हिस्सेदारी

कृषि मंत्री ने बताया कि वर्ष 2006 में शुरू हुआ ब्रिक्स समूह आज 11 सदस्य देशों और 10 साझेदार देशों के साथ दुनिया के सबसे प्रभावशाली आर्थिक एवं रणनीतिक मंचों में शामिल हो चुका है। वैश्विक कृषि पर इसकी मजबूत पकड़ है। दुनिया की करीब 42 प्रतिशत कृषि भूमि, 68 प्रतिशत कृषि जोतें और लगभग 42 प्रतिशत खाद्य उत्पादन ब्रिक्स देशों के हिस्से में आता है।

उन्होंने कहा कि इस मंच पर होने वाले निर्णय केवल सदस्य देशों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि वैश्विक खाद्य सुरक्षा और कृषि विकास की दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

भारत पहले भी निभा चुका है नेतृत्व

भारत इससे पहले 2012, 2016 और 2021 में ब्रिक्स की अध्यक्षता कर चुका है। वर्ष 2016 में भारत की पहल पर ‘ब्रिक्स कृषि अनुसंधान मंच’ की स्थापना की गई थी, जिसने कृषि अनुसंधान और तकनीकी सहयोग को नई दिशा दी।

शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि भारत की मौजूदा अध्यक्षता के दौरान कृषि कार्य समूह की आठ बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं, जिनमें खाद्य सुरक्षा, पशुपालन, मत्स्य पालन और कृषि सहयोग जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई है।

छोटे और सीमांत किसान होंगे केंद्र में

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की प्राथमिकता छोटे और सीमांत किसानों को वैश्विक कृषि विमर्श के केंद्र में लाना है। उन्होंने कहा कि किसानों तक अनुसंधान का लाभ पहुंचे, उनकी बाजार तक पहुंच आसान हो और कृषि ऋण की उपलब्धता बढ़े, इसके लिए सदस्य देशों के बीच सहयोग को मजबूत किया जाएगा।

उनके अनुसार किसानों की आय, रोजगार, आजीविका और सतत कृषि विकास इस सम्मेलन के प्रमुख विषयों में शामिल रहेंगे।

चार प्रमुख विषयों पर होगा मंथन

इस बार के सम्मेलन में चार प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा—

  • खाद्य सुरक्षा, पोषण और आजीविका

  • कृषि व्यापार एवं सहयोग

  • जलवायु अनुकूल और सतत कृषि

  • कृषि एवं खाद्य प्रणालियों में नवाचार और साझेदारी

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को देखते हुए पुनर्योजी कृषि, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक तकनीकों को छोटे किसानों तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

महिलाओं और युवाओं की भूमिका पर भी चर्चा

सम्मेलन के दौरान 12 जून को “लघु किसानों, महिलाओं एवं युवाओं के माध्यम से भविष्य की खाद्य सुरक्षा” विषय पर विशेष मंत्री स्तरीय संवाद आयोजित किया जाएगा। इसमें कृषि क्षेत्र में महिलाओं और युवाओं की बढ़ती भूमिका तथा भविष्य की संभावनाओं पर विचार-विमर्श होगा।

9 जून से शुरू होंगी बैठकें

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 9 से 11 जून तक कृषि कार्य समूह की बैठकें आयोजित होंगी। इसके बाद 12 और 13 जून को कृषि मंत्रियों की मुख्य बैठक होगी।

इस दौरान खाद्य हानि को कम करने, पशुपालन, मत्स्य पालन, कृषि नवाचार और किसानों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।

बनेगी ‘ब्रिक्स वाटिका’, विदेशी मेहमान देखेंगे इंदौर की विरासत

भारत की पर्यावरणीय और सांस्कृतिक सोच को प्रदर्शित करने के लिए सम्मेलन के दौरान ‘ब्रिक्स वाटिका’ विकसित की जाएगी। इसमें सभी सदस्य और साझेदार देशों के प्रतिनिधि सामूहिक वृक्षारोपण करेंगे।

विदेशी मेहमानों को इंदौर और मालवा की सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने के लिए राजवाड़ा, छप्पन दुकान और मांडू जैसे ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थलों का भ्रमण भी कराया जाएगा।

कृषि मंत्री ने विश्वास जताया कि इंदौर में आयोजित यह बैठक ब्रिक्स देशों के बीच कृषि सहयोग को नई दिशा देगी और वैश्विक मंच पर करोड़ों छोटे किसानों की आवाज को और मजबूती से स्थापित करेगी।

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