फालता में 74 साल बाद पहली बार खिला कमल : भाजपा उम्मीदवार देबांग्शु पांडा की रिकॉर्ड जीत; TMC चौथे स्थान पर खिसकी
कोलकाता.
पश्चिम बंगाल की फालता विधानसभा सीट पर रविवार को आए नतीजों ने राज्य की राजनीति में बड़ा संदेश दिया। भाजपा उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने एक लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया। उन्हें करीब 1.49 लाख वोट मिले।
CPI(M) के उम्मीदवार शंभूनाथ कुर्मी करीब 40 हजार वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। वहीं तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान चौथे नंबर पर पहुंच गए। जहांगीर ने रीपोलिंग से पहले चुनाव से हटने का ऐलान किया था, लेकिन उनका नाम EVM में बना रहा।

74 साल में पहली बार भाजपा की जीत
फालता सीट पर भाजपा ने पहली बार जीत हासिल की है। 1952 से लेकर 2006 तक यह सीट कांग्रेस और CPI(M) का मजबूत गढ़ मानी जाती रही। इसके बाद 2011 से लगातार तीन चुनावों में तृणमूल कांग्रेस यहां जीत दर्ज करती रही थी।
अब इस सीट पर कमल खिलने के बाद भाजपा की बंगाल में कुल सीटें बढ़कर 208 हो गई हैं। 4 मई को घोषित नतीजों में पार्टी को 207 सीटें मिली थीं। वहीं TMC 80 सीटों पर सिमट गई।
रीपोलिंग के बाद बदला समीकरण
फालता में 21 मई को 285 बूथों पर दोबारा मतदान कराया गया था। चुनाव आयोग के मुताबिक रीपोलिंग के दौरान मतदान प्रतिशत बढ़कर 88.13% पहुंच गया, जबकि 29 अप्रैल को हुए पहले मतदान में यह 86.71% था।
रीपोलिंग से पहले TMC उम्मीदवार जहांगीर खान ने सार्वजनिक रूप से चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा की थी। हालांकि इसकी आधिकारिक लिखित सूचना आयोग को नहीं दी गई थी, इसलिए उनका नाम और चुनाव चिन्ह EVM में बना रहा।
EVM पर टेप लगाने के आरोप
29 अप्रैल को मतदान के बाद फालता में भारी विवाद हुआ था। कई बूथों से शिकायतें आई थीं कि EVM में भाजपा के चुनाव चिन्ह पर टेप चिपकाया गया था।
तत्कालीन ऑब्जर्वर सुब्रत गुप्ता ने क्षेत्र का दौरा कर जांच की थी। जांच में करीब 60 बूथों पर गड़बड़ी के संकेत मिले थे। इसके अलावा वेब कैमरों की फुटेज से छेड़छाड़ की कोशिशों के आरोप भी सामने आए थे।
इन शिकायतों के बाद चुनाव आयोग ने दोबारा मतदान कराने का फैसला लिया था।
दक्षिण 24 परगना में भाजपा की बढ़त
फालता सीट दक्षिण 24 परगना जिले के अंतर्गत आती है। जिले की कुल 31 सीटों में भाजपा अब 11 सीटें जीत चुकी है।
फालता के अलावा सागर, काकद्वीप, गोसाबा, सोनारपुर और जादवपुर, टॉलीगंज, बेहला पूर्व-पश्चिम जैसे शहरी इलाकों में भी भाजपा ने पहली बार जीत दर्ज की।
हालांकि बासंती, कुलतली, रायदीघी और बजबज जैसी सीटों पर TMC अपनी पकड़ बनाए रखने में सफल रही।
बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव
राज्य में 15 साल बाद ममता बनर्जी सरकार की सत्ता से विदाई हुई है। 293 सीटों पर आए नतीजों में भाजपा ने 207 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया।
भाजपा का स्ट्राइक रेट करीब 70 प्रतिशत रहा, जबकि TMC लगभग 27 प्रतिशत सीटों तक सीमित रह गई। फालता की जीत को भाजपा बंगाल में अपने संगठनात्मक विस्तार और बदले राजनीतिक माहौल का बड़ा संकेत मान रही है।
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