UAE के शाही परिवार से जुड़ी महिला सड़क पर बेहोश मिली : लंदन कोर्ट ने सुनाई 2 साल की सजा, नशे की लत के इलाज का आदेश
लंदन.
अबू धाबी के शाही परिवार से शादी के जरिए जुड़ी 32 वर्षीय महराह अल नाहयान को बच्चे की देखभाल में लापरवाही के मामले में सजा सुनाई गई है। लंदन के साउथवार्क क्राउन कोर्ट ने उन्हें दो साल के कम्युनिटी ऑर्डर के साथ नशे की लत से उबरने के लिए रिहैबिलिटेशन कार्यक्रम में शामिल होने का निर्देश दिया। उन्हें 5,000 पाउंड का जुर्माना और 1,000 पाउंड मुकदमे का खर्च भी देना होगा।
यह मामला 13 जून 2026 का है। उस दिन महराह पश्चिमी लंदन की एक सड़क पर बेहोशी की हालत में मिली थीं। उनके पास तीन साल का बच्चा बिना जूते पहने स्कूटर से खेल रहा था। बच्चा व्यस्त सड़क पर चल रही गाड़ियों के करीब था। राहगीरों ने उसे संभाला और पुलिस के पहुंचने तक उसकी देखभाल की।

30 मिनट तक बेहोश रहीं, बच्चा सड़क के पास अकेला खेलता रहा
कोर्ट में बताया गया कि महराह लोहे की रेलिंग के सहारे बेहोश पड़ी थीं। उनके पास एक अन्य व्यक्ति भी बेहोशी की हालत में था। इसी दौरान उनका तीन साल का बच्चा बिना जूतों के स्कूटर से खेल रहा था।
वहां से गुजर रहे लोगों ने बच्चे को अकेला और गाड़ियों के करीब देखा तो उसकी मदद के लिए आगे आए। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, बच्चा कागज के एक टुकड़े के पीछे सड़क की ओर दौड़ा था, लेकिन एक राहगीर ने उसे रोक लिया।
महराह करीब 30 मिनट तक प्रतिक्रिया देने की स्थिति में नहीं थीं। होश में आने के बाद उन्होंने लोगों से पूछा कि वे इतनी चिंता क्यों कर रहे हैं। कोर्ट में उनके कथित बयान का भी जिक्र हुआ—“यह कोई कत्लखाना नहीं है। आपको इतनी परवाह क्यों है?”

बैग में मिला नशे के इस्तेमाल का सामान
पुलिस ने महराह के बैग की तलाशी ली थी। उसमें नशे के इस्तेमाल से जुड़ा सामान मिला, लेकिन कोई गैरकानूनी नशीला पदार्थ बरामद नहीं हुआ। कोर्ट को बताया गया कि घटना से पहले के दिनों में महराह ने कोकीन का इस्तेमाल किया था। हालांकि, उनके बचाव पक्ष के वकील स्टीफन वुलो ने कहा कि घटना वाले दिन उन्होंने नशा नहीं किया था। वकील के मुताबिक, पिछले दिनों नशे के इस्तेमाल के बाद वह अत्यधिक थकान की स्थिति में थीं। महराह ने कोर्ट में बच्चे की देखभाल में लापरवाही का अपराध स्वीकार किया।
जज बोले- बच्चे की जान को गंभीर खतरा था
मंगलवार, 13 अक्टूबर को सजा सुनाते हुए जज जेरेमी जॉनसन ने कहा कि महराह की हालत के कारण बच्चे की सुरक्षा खतरे में पड़ गई थी। बच्चा सड़क की ओर जा सकता था, खो सकता था या किसी अनजान व्यक्ति के हाथों नुकसान झेल सकता था।
कोर्ट ने इस बात को गंभीरता से लिया कि बच्चा इतनी कम उम्र में बिना जूतों के व्यस्त सड़क के पास अकेला था और उसकी देखभाल करने वाला वयस्क उसकी मदद करने की स्थिति में नहीं था।
फैसले में महराह को दो साल के कम्युनिटी ऑर्डर के तहत रिहैबिलिटेशन कार्यक्रम पूरा करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा 5,000 पाउंड का जुर्माना और 1,000 पाउंड मुकदमे का खर्च चुकाने का आदेश भी दिया गया।
घटना के बाद से नशे की लत का इलाज करा रहीं
बचाव पक्ष ने कोर्ट को बताया कि महराह घटना के बाद से सरे के वोकिंग इलाके में प्रायरी क्लिनिक में नशे की लत का इलाज करा रही हैं। वकील के अनुसार, उन्हें अपनी गलती का पछतावा है और वह नशे से उबरने के लिए उपचार जारी रखना चाहती हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक, इलाज के बाद उनकी गिल्डफोर्ड इलाके में किराये का घर लेने की योजना है। वहां वह दिन में इलाज जारी रखने के साथ नारकोटिक्स एनोनिमस की बैठकों में भी शामिल हो सकती हैं। ये बैठकें नशे की लत से उबरने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए सहयोग का माध्यम हैं।

शादी के जरिए अबू धाबी के शाही परिवार से जुड़ाव
महराह अल नाहयान अबू धाबी के शासक परिवार अल नाहयान से शादी के जरिए जुड़ी हैं। हालांकि, सार्वजनिक रिपोर्टों में उनके पति और शाही परिवार के भीतर उनके सटीक रिश्ते को लेकर सीमित जानकारी उपलब्ध है।
अबू धाबी संयुक्त अरब अमीरात के सात अमीरात में सबसे बड़ा है और देश का प्रमुख राजनीतिक केंद्र भी है। UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान इसी शासक परिवार से हैं।
इस मामले में अदालत का फैसला महराह के शाही परिवार से जुड़ाव के बजाय बच्चे की सुरक्षा और उसकी देखभाल में हुई लापरवाही पर केंद्रित रहा। अदालत ने स्पष्ट किया कि उस दिन बच्चे को गंभीर नुकसान पहुंच सकता था।
क्या है इस मामले का सबसे अहम पहलू?
इस घटना में बच्चे को समय रहते राहगीरों की मदद मिल गई। लेकिन कोर्ट के सामने यह सवाल था कि उसकी देखभाल की जिम्मेदारी निभाने वाला व्यक्ति जब बेहोश हो गया, तब बच्चे की सुरक्षा कितने बड़े खतरे में पड़ गई थी।
महराह ने लापरवाही का अपराध स्वीकार किया है। अदालत ने रिहैबिलिटेशन कार्यक्रम, जुर्माने और मुकदमे के खर्च का आदेश देकर मामले में सजा सुनाई। अब उनके लिए नशे की लत का उपचार जारी रखना और अदालत की शर्तों का पालन करना जरूरी होगा।
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