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12th October 2026

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रियाद एयरपोर्ट पर मिसाइल हमला, 12 की मौत, 309 घायल : हूतियों की सऊदी अरब को नई चेतावनी; ट्रम्प बोले- अमेरिका सैन्य कार्रवाई में शामिल हो सकता है

News Affair Team

Sun, Oct 11, 2026

रियाद.

सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शनिवार, 10 अक्टूबर को हुए मिसाइल हमले में 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 309 लोग घायल हुए हैं। सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के मुताबिक, कई घायलों की हालत गंभीर है। मृतकों में 4 सऊदी नागरिक, 2 बांग्लादेशी और अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, फिलिस्तीन, सीरिया तथा सूडान के एक-एक नागरिक शामिल हैं।

हमले के बाद एयरपोर्ट का संचालन रोक दिया गया और विमानों को दूसरे एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट किया गया। उड़ानों पर असर पहले से ही पड़ रहा था। एयर इंडिया, फ्लाईदुबई, लुफ्थांसा ग्रुप और पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस समेत कई कंपनियां सऊदी अरब के लिए अपनी उड़ानें रोक या रद्द कर चुकी थीं।

सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने हमले के लिए यमन के हूती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार के हमले की जिम्मेदारी हूतियों ने तत्काल नहीं ली थी। इससे पहले वे सऊदी एयरपोर्ट पर हमलों का दावा कर चुके हैं और अब उन्होंने सऊदी हवाई क्षेत्र से दूर रहने की चेतावनी दोहराई है।

ट्रम्प बोले- अमेरिका सऊदी के साथ मिलकर हमला कर सकता है

रियाद एयरपोर्ट पर हमले के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि उनका देश हूतियों के खिलाफ सऊदी अरब की सैन्य कार्रवाई में शामिल होने पर विचार कर सकता है। उनसे पूछा गया था कि क्या अमेरिका सऊदी अरब के साथ मिलकर हूतियों पर हमला करेगा।

ट्रम्प ने कहा, “हम ऐसा कर सकते हैं। हम इस पर विचार करेंगे। हमें हालिया हमले के बारे में अभी पता चला है। हम बहुत तेजी से फैसला लेते हैं।”

उनके बयान से संकेत मिला है कि वॉशिंगटन सैन्य विकल्प पर विचार कर रहा है। हालांकि, अमेरिका की ओर से हमले में शामिल होने का अंतिम फैसला घोषित नहीं किया गया है।

हूतियों ने एयरपोर्ट और हवाई क्षेत्र से दूर रहने की चेतावनी दी

हमले के अगले दिन हूती विद्रोहियों ने एयरलाइंस, यात्रियों और एयरपोर्ट कर्मचारियों को सऊदी अरब के एयरपोर्ट और हवाई क्षेत्र से दूर रहने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ये क्षेत्र सैन्य कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं। हूतियों ने मक्का और मदीना के एयरपोर्ट को अपनी चेतावनी से अलग रखा।

हूती नेतृत्व ने यह भी कहा कि यमन में सऊदी अरब की सैन्य कार्रवाई जारी रही तो जवाब और कड़ा हो सकता है। दूसरी ओर, सऊदी नेतृत्व वाला गठबंधन यमन की सरकारी सेना को हूतियों के खिलाफ सैन्य समर्थन दे रहा है।

यमन में क्यों तेज हुई लड़ाई?

यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित सरकारी सेना के बीच संघर्ष फिर तेज हो गया है। सऊदी अरब हूतियों के ठिकानों पर हवाई हमले कर रहा है, जबकि यमन की सरकारी सेना लाल सागर के तटीय इलाकों में आगे बढ़ने की कोशिश कर रही है।

पिछले महीने हूतियों ने लाल सागर के पास रणनीतिक इलाके पर कब्जा कर लिया था। सरकारी सेना अब उस क्षेत्र को वापस लेने की कोशिश कर रही है। यह इलाका समुद्री व्यापार के लिहाज से अहम है, क्योंकि यहां से बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य तक पहुंचने वाला समुद्री मार्ग गुजरता है।

बाब-अल-मंदेब लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है। इस रास्ते से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में यहां संघर्ष बढ़ने से समुद्री परिवहन और क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।

एक हफ्ते में रियाद एयरपोर्ट पर कई हमले

रियाद एयरपोर्ट पर शनिवार का हमला इस हफ्ते की तीसरी घटना था। इससे पहले हुए दो हमलों में चार लोगों की मौत हुई थी और सऊदी एयरलाइंस के एक विमान को भारी नुकसान पहुंचा था। इन घटनाओं के बाद एयरपोर्ट की सुरक्षा और सऊदी अरब की मिसाइल रक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे हैं।

सऊदी अधिकारियों ने शनिवार के हमले के बाद एयरपोर्ट का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया। अधिकारियों ने नुकसान का आकलन और सुरक्षा जांच शुरू की। रविवार को भी एयरपोर्ट बंद रहने की खबर थी।

एयर इंडिया समेत कई एयरलाइंस ने रोकी उड़ानें

सऊदी एयरपोर्ट पर लगातार हमलों और हवाई क्षेत्र में बढ़ते जोखिम के कारण कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने उड़ानें रद्द कीं या सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दीं। इनमें एयर इंडिया, फ्लाईदुबई, लुफ्थांसा ग्रुप और पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस शामिल हैं।

यूरोपीय संघ की विमानन सुरक्षा एजेंसी ने भी सऊदी हवाई क्षेत्र को लेकर अपनी चेतावनी का दायरा बढ़ाया। एजेंसी ने कहा कि हूती विद्रोहियों की पहुंच अब सऊदी अरब के भीतर दूर तक हमले करने की क्षमता दिखाती है। मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच नागरिक विमानों की सुरक्षा को लेकर भी जोखिम बढ़ सकता है।

भारत ने कहा- नागरिकों और उनके ठिकानों पर हमले बंद हों

भारत के विदेश मंत्रालय ने रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट समेत सऊदी अरब के एयरपोर्ट को निशाना बनाए जाने की निंदा की। मंत्रालय ने कहा कि नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर बार-बार हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं और इन्हें तुरंत रोका जाना चाहिए।

भारत ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई, घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की और सऊदी अरब की संप्रभुता की रक्षा में वहां की सरकार तथा जनता के साथ एकजुटता व्यक्त की। भारत ने क्षेत्र में जल्द शांति और सामान्य स्थिति बहाल होने की उम्मीद भी जताई।

रियाद एयरपोर्ट पर हुआ हमला अब सिर्फ सऊदी अरब और हूतियों के बीच संघर्ष तक सीमित नहीं रह गया है। अमेरिकी सैन्य भागीदारी की संभावना, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर और लाल सागर के रणनीतिक समुद्री मार्ग के आसपास बढ़ती लड़ाई ने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

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