राहुल-खड़गे नहीं पहुंचे लालकिला : लगातार दूसरे साल स्वतंत्रता दिवस समारोह से दूरी; BJP ने साधा निशाना
नई दिल्ली.
राजधानी दिल्ली के लाल किले पर शनिवार को हुए स्वतंत्रता दिवस समारोह में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल नहीं हुए। दोनों लगातार दूसरे साल समारोह से दूर रहे। रक्षा मंत्रालय की ओर से दोनों नेताओं को कार्यक्रम का औपचारिक निमंत्रण भेजा गया था।
राहुल गांधी और खड़गे के समारोह में नहीं पहुंचने को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधा। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर राहुल गांधी की गैरमौजूदगी को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे विपक्ष के नेता का राष्ट्रीय पर्व के मुख्य समारोह से दूर रहना गंभीर सवाल खड़े करता है।
BJP बोली- राहुल नेता प्रतिपक्ष पद के योग्य नहीं
प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी लाल किले पर होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने से लगातार बच रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल का ऐसा रवैया देशभक्ति और राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति उनकी सोच को लेकर सवाल खड़े करता है।
भाजपा ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए उनकी विचारधारा को 'दिमागी नक्सल इकोसिस्टम' से जोड़ दिया। पार्टी ने आरोप लगाया कि स्वतंत्रता दिवस समारोह से दूरी बनाना कांग्रेस की राजनीतिक सोच को दर्शाता है।

2024 में सीटिंग को लेकर हुआ था विवाद
राहुल गांधी की इस साल की गैरमौजूदगी को 2024 के सीटिंग विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। 2024 में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद राहुल गांधी पहली बार लाल किले के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल हुए थे।
उस समय उन्हें समारोह में पांचवीं पंक्ति में सीट दी गई थी। कांग्रेस ने इस पर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया था कि नेता प्रतिपक्ष के पद की गरिमा के अनुरूप राहुल गांधी को स्थान नहीं दिया गया।
हालांकि, रक्षा मंत्रालय ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि उस साल ओलंपिक पदक विजेताओं और अन्य खिलाड़ियों को विशेष सम्मान देने के लिए आगे की सीटें निर्धारित की गई थीं। इसी वजह से बैठने की व्यवस्था में बदलाव हुआ था।
नेता प्रतिपक्ष की सीट कैसे तय होती है?
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक लाल किले के स्वतंत्रता दिवस समारोह में बैठने की व्यवस्था तय करने के लिए 'टेबल ऑफ प्रेसिडेंस' यानी ToP के प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का दर्जा केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के समकक्ष होता है। इसी प्रोटोकॉल के आधार पर समारोह में उनकी सीट निर्धारित की जाती है।
इस साल राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को औपचारिक निमंत्रण मिलने के बावजूद दोनों नेताओं के समारोह में नहीं पहुंचने से राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा ने इसे राष्ट्रीय पर्व से दूरी बताया, जबकि कांग्रेस की ओर से इस गैरमौजूदगी को लेकर इस रिपोर्ट के आधार पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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