बलूचिस्तान में आत्मघाती हमला, 24 की मौत, 82 घायल : रेलवे ट्रैक के नजदीक विस्फोट; जाफर एक्सप्रेस के कई डिब्बे पटरी से उतरे
इस्लामाबाद/क्वेटा.
पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में रविवार को बड़ा आत्मघाती हमला हुआ। क्वेटा में रेलवे ट्रैक के पास हुए विस्फोट में 24 लोगों की मौत हो गई, जबकि 82 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। धमाके की चपेट में जाफर एक्सप्रेस भी आ गई, जिसके कई डिब्बे पटरी से उतर गए।
रॉयटर्स के मुताबिक, जाफर एक्सप्रेस क्वेटा कैंट की ओर जा रही थी। इसी दौरान रेलवे ट्रैक के नजदीक जोरदार विस्फोट हुआ। धमाका इतना तेज था कि आसपास की इमारतों के शीशे तक टूट गए और इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

धमाके के बाद ट्रैक के पास लगी आग
विस्फोट के बाद रेलवे ट्रैक के आसपास आग लग गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस, रेस्क्यू टीम और सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गए। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया और इलाके को पूरी तरह घेर लिया गया।
सुरक्षा एजेंसियां घटना को आतंकी हमला मानकर जांच कर रही हैं। हालांकि खबर लिखे जाने तक किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली थी।

हाई अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां
बलूचिस्तान सरकार के गृह मामलों के विशेष सहायक बाबर यूसुफजई ने कहा कि घटना की गंभीरता को देखते हुए सभी सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। लोगों से घटनास्थल के आसपास भीड़ न लगाने की अपील की गई है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, धमाके की तीव्रता काफी ज्यादा थी। इसी वजह से ट्रेन के कई डिब्बे ट्रैक से उतर गए।

पहले भी निशाने पर रही जाफर एक्सप्रेस
जाफर एक्सप्रेस पाकिस्तान रेलवे की प्रमुख लंबी दूरी की ट्रेनों में शामिल है। यह क्वेटा को देश के कई बड़े शहरों से जोड़ती है और बलूचिस्तान के संवेदनशील इलाकों से होकर गुजरती है।
पिछले कुछ वर्षों में इस ट्रेन और रेलवे ट्रैक को कई बार निशाना बनाया गया है। जिन इलाकों से यह ट्रेन गुजरती है वहां बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) का प्रभाव माना जाता है।
पिछले साल BLA ने जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक कर लिया था। संगठन ने उस दौरान 214 यात्रियों को बंधक बनाने और 30 सैनिकों की हत्या का दावा किया था।
क्या है बलूच लिबरेशन आर्मी?
बलूचिस्तान में लंबे समय से अलगाववाद और हिंसा जारी है। यहां के कई समूह दावा करते हैं कि 1947 के बाद उनकी इच्छा के खिलाफ बलूचिस्तान को पाकिस्तान में शामिल किया गया।
BBC की रिपोर्ट्स के मुताबिक, बलूचिस्तान में सक्रिय कई संगठनों में बलूच लिबरेशन आर्मी सबसे प्रभावशाली माना जाता है। यह संगठन 1970 के दशक में बना था और अब पाकिस्तान के साथ-साथ चीन विरोधी गतिविधियों के लिए भी जाना जाता है।
BLA का आरोप है कि बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों का फायदा बाहरी ताकतें उठा रही हैं। पाकिस्तान सरकार ने 2007 में इसे आतंकी संगठन घोषित कर दिया था। अमेरिका और ब्रिटेन भी इसे आतंकवादी संगठन मानते हैं।
आतंकवाद से जूझता पाकिस्तान
ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2025 के मुताबिक, पाकिस्तान दुनिया का दूसरा सबसे ज्यादा आतंक प्रभावित देश बन चुका है। रिपोर्ट के अनुसार, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान सबसे ज्यादा संवेदनशील क्षेत्र हैं, जहां देश की करीब 90 प्रतिशत आतंकी घटनाएं दर्ज हुईं।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि 2024 में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और BLA के हमलों में तेज बढ़ोतरी हुई है। वहीं इस्लामिक स्टेट-खुरासान (IS-K) ने भी पाकिस्तान के शहरी इलाकों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है।
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