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1st August 2026

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MP में तबादलों को 24 घंटे की मोहलत : मोहन कैबिनेट ने इंदौर मेट्रो की बढ़ी लागत और नई स्वास्थ्य नीति को भी दी मंजूरी

News Affair Team

Tue, Jun 16, 2026

भोपाल.

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मध्य प्रदेश कैबिनेट बैठक में सरकारी कर्मचारियों के तबादलों को लेकर बड़ा फैसला लिया गया। सरकार ने तबादला अवधि को एक दिन बढ़ाते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों के ट्रांसफर के लिए 24 घंटे की अतिरिक्त राहत दे दी है। अब प्रदेश में मंगलवार रात 12 बजे तक तबादला आदेश जारी किए जा सकेंगे।

कैबिनेट बैठक की शुरुआत से ही कई मंत्रियों ने ट्रांसफर की समय-सीमा बढ़ाने की मांग उठाई। उनका कहना था कि बड़ी संख्या में प्रस्ताव अभी प्रक्रिया में हैं और कई फाइलों पर अंतिम हस्ताक्षर बाकी हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि एक दिन से ज्यादा का समय नहीं दिया जाएगा और सभी लंबित प्रकरण आज रात तक निपटाने होंगे।

मंत्रियों ने मांगे दो दिन, CM बोले- आज रात तक ही मौका

बैठक में पशुपालन मंत्री लखन पटेल समेत कई मंत्रियों ने दो दिन का अतिरिक्त समय देने की मांग रखी। उन्होंने तर्क दिया कि कई तबादला आदेश अंतिम चरण में हैं और समय की कमी के कारण जारी नहीं हो पा रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अधिकांश विभागों में लगभग 90 प्रतिशत तबादले पूरे हो चुके हैं। जो मामले शेष हैं, उन्हें आज रात तक पूरा कर लिया जाए। इसके साथ ही तबादला अवधि बढ़ाने का मुद्दा समाप्त कर दिया गया।

मंत्रियों के दफ्तरों में दिनभर लगी रही भीड़

तबादलों की अंतिम तारीख बढ़ने की खबर के बाद राजधानी भोपाल में कई मंत्रियों के बंगलों और कार्यालयों में दिनभर लोगों की आवाजाही बनी रही। कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और विभिन्न संगठनों से जुड़े लोग अपने-अपने मामलों को लेकर सक्रिय नजर आए। वहीं विभागीय अधिकारियों ने भी लंबित फाइलों को निपटाने पर पूरा फोकस रखा।

इंदौर मेट्रो परियोजना की लागत में बड़ा इजाफा

कैबिनेट ने इंदौर मेट्रो रेल परियोजना की संशोधित लागत को भी मंजूरी दे दी। परियोजना की अनुमानित लागत पहले करीब 7,500 करोड़ रुपए थी, जिसे अब बढ़ाकर लगभग 12,900 करोड़ रुपए कर दिया गया है।

सरकार का कहना है कि निर्माण लागत, तकनीकी आवश्यकताओं और परियोजना के विस्तार को देखते हुए संशोधित प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है। इससे परियोजना के कार्यों को गति मिलेगी।

24 हजार करोड़ की योजनाएं जारी रहेंगी

बैठक में विभिन्न विभागों की लगभग 24 हजार करोड़ रुपए लागत वाली योजनाओं को निरंतर जारी रखने का निर्णय भी लिया गया। सरकार का मानना है कि इससे विकास कार्यों की रफ्तार बनी रहेगी और अधूरी परियोजनाओं को समय पर पूरा किया जा सकेगा।

स्वास्थ्य अधोसंरचना प्रोत्साहन नीति-2026 को मंजूरी

कैबिनेट ने प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए "स्वास्थ्य अधोसंरचना प्रोत्साहन नीति-2026" को मंजूरी दी। नई नीति के तहत सामाजिक, धार्मिक और परोपकारी संस्थाओं द्वारा संचालित अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटरों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा।

सरकार ऐसे संस्थानों को अस्पतालों के विस्तार, आधुनिक मशीनों की खरीद और स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएगी।

अस्पताल खोलने वाले ट्रस्टों को मिल सकती है जमीन

सरकार ने ऐसे ट्रस्टों और संस्थाओं को भूमि उपलब्ध कराने की दिशा में भी पहल शुरू की है जो अस्पताल संचालन की क्षमता रखते हैं। इसके लिए पांच मंत्रियों की समिति बनाई जाएगी, जो जमीन आवंटन के मानदंड और अन्य शर्तों पर अपनी सिफारिशें देगी।

बैठक के बाद मंत्री चैतन्य काश्यप ने संकेत दिए कि आवश्यकता पड़ने पर भूमि अधिग्रहण जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है। हालांकि उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि इस विषय पर अंतिम निर्णय अभी बाकी है।

रीवा, देवास और गुना में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार

कैबिनेट ने रीवा, देवास और गुना जिले के 18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को निजी भागीदारी मॉडल पर विकसित करने का फैसला भी लिया है। सरकार का दावा है कि इससे विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी और बड़े शहरों की ओर मरीजों का पलायन कम होगा।

नई नीति के तहत सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों को बढ़ावा देने, मेडिकल शिक्षा को मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने पर विशेष जोर रहेगा।

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