छत्तीसगढ़ में बिजली 30-50 पैसे प्रति यूनिट महंगी : कृषि-कमर्शियल यूजर्स के लिए 20-40 पैसे बढ़े दाम; कल प्रदेशभर में बिजली दफ्तर घेरेंगे कांग्रेसी
News Affair Team
Tue, Jun 16, 2026
रायपुर.
छत्तीसगढ़ में आम उपभोक्ताओं को 1 जुलाई से बिजली के लिए ज्यादा भुगतान करना होगा। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने नई दरों को मंजूरी देते हुए घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 50 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। वहीं गैर-घरेलू उपभोक्ताओं पर 40 पैसे प्रति यूनिट का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। कृषि पंपों की बिजली भी 40 पैसे प्रति यूनिट महंगी कर दी गई है।
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नई दरों की जानकारी दी। इस दौरान आयोग के सदस्य विनोद गनोदवाले और अजय सिंह मौजूद रहे। आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिजली दरों में औसतन 6.23% की वृद्धि को मंजूरी दी है।
बिजली दरों में बढ़ोतरी के विरोध में कांग्रेस 17 जून को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में बिजली दफ्तरों का घेराव करेगी और 18 जून को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार के खिलाफ अपना पक्ष रखेगी।
कंपनी ने बताया था भारी घाटा
पावर कंपनी ने अपने प्रस्ताव में लगभग 6 हजार करोड़ रुपये के घाटे का हवाला देते हुए बिजली दरों में 24% तक बढ़ोतरी की मांग की थी। हालांकि आयोग ने विस्तृत समीक्षा के बाद इस मांग को काफी हद तक कम करते हुए घाटे का आंकड़ा 1662 करोड़ रुपये ही स्वीकार किया।
कितनी बढ़ेगी बिजली की लागत
नई व्यवस्था के तहत औसत बिजली आपूर्ति लागत 7.13 रुपये प्रति यूनिट तय की गई है, जबकि औसत बिलिंग दर 6.71 रुपये प्रति यूनिट अनुमानित की गई है। इसी अंतर को संतुलित करने के लिए टैरिफ में बढ़ोतरी की गई है।
घरेलू उपभोक्ताओं पर सबसे बड़ा असर
घरेलू बिजली दरों में 30 पैसे से बढ़ाकर 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। इसके अलावा कई श्रेणियों में बदलाव भी किए गए हैं—
स्थानीय निकायों के कार्यालय अब घरेलू श्रेणी में शामिल
आवास बोर्ड कॉलोनियों की स्ट्रीट लाइट और जल आपूर्ति भी घरेलू श्रेणी में
ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के छात्रावासों को भी घरेलू टैरिफ में राहत
अस्थायी घरेलू कनेक्शन पर 2 साल बाद सामान्य दर लागू होगी
गैर-घरेलू और अन्य सेक्टर पर भी असर
गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 20 पैसे से 40 पैसे प्रति यूनिट तक बढ़ोतरी की गई है। वहीं कृषि पंपों पर भी 40 पैसे प्रति यूनिट का अतिरिक्त भार पड़ेगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली खर्च बढ़ना तय माना जा रहा है।
मोबाइल टावरों को राहत
बस्तर और सरगुजा क्षेत्रों में लगे मोबाइल टावरों को ऊर्जा शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट जारी रखी गई है।
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन