उत्तराखंड कैबिनेट में 12 प्रस्तावों पर मुहर : ई-वाहनों पर टैक्स माफ, पर्यावरण मित्रों को मिला सेवा लाभ; नई पेशन योजना में अब ग्रेच्युटी भी
News Affair Team
Wed, Jun 4, 2025
देहरादून.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को राज्य सचिवालय में आयोजित उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के विकास और प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कुल 12 प्रस्ताव पेश किए गए, जिनमें से सभी को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी।
बैठक में पर्यावरण मित्रों को मृतक आश्रित का लाभ, स्वच्छता नियमावली में सुधार, ई-वाहनों पर टैक्स माफी, पुलिस भर्ती परीक्षा में बदलाव, पेंशन प्रणाली में सुधार और पर्यटन योजनाओं से जुड़े अहम फैसले लिए गए।
कैबिनेट के महत्वपूर्ण निर्णय इस प्रकार हैं:
पर्यावरण मित्रों को राहत
2013 से कार्यरत 859 पर्यावरण मित्रों को अब मृतक आश्रित सेवा नियमावली का लाभ मिलेगा।
यह कदम लंबे समय से सेवा दे रहे स्वच्छता कर्मियों के लिए एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा कवच है।
स्वच्छता गतिशीलता नियमावली:
वाहन कन्वर्जन पर सब्सिडी प्रक्रिया को सरल किया गया है।
देहरादून में CNG और BS-6 सिटी बसों को 50% तक (या अधिकतम ₹15 लाख) की सब्सिडी दी जाएगी।
विक्रम और अन्य डीजल वाहनों को भी इस योजना में शामिल किया गया है।
ई-वाहनों को प्रोत्साहन:
बैटरी, मोटर और स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड पेट्रोल वाहनों पर परिवहन टैक्स पूरी तरह माफ कर दिया गया है।
केवल GST देय रहेगा, जिससे ई-वाहनों को बढ़ावा मिलेगा।
भर्ती परीक्षाओं में एकरूपता:
वर्दीधारी सिपाही और उप निरीक्षक की परीक्षा अब एक साथ और समान प्रक्रिया से कराई जाएगी।
सब-इंस्पेक्टर स्तर के सभी पदों की परीक्षा भी एकसमान प्रक्रिया में आएगी।
इससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और समय की बचत होगी।
नए पद सृजन:
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) में 15 नए पद सृजित (1 स्थायी, 14 आउटसोर्सिंग) किए गए।
मानवाधिकार आयोग में 12 नए पद स्वीकृत (7 नियमित, 5 आउटसोर्सिंग) किए गए।
पर्यटन और बदरीनाथ मास्टर प्लान:
बदरीनाथ मास्टर प्लान के अंतर्गत चार योजनाएं स्वीकृत:
शेष नेत्र लोटस वॉल
सुदर्शन चौक कलाकृति
ट्री एंड रिवर्स कल्चर
सुदर्शन चक्र स्कल्पचक्र
पेंशन और भुगतान प्रणाली:
नई पेंशन योजना (NPS) में अब ग्रेच्युटी की सुविधा दी जाएगी, जैसा कि पुरानी व्यवस्था में होती थी।
लाभार्थियों के लिए SNA अकाउंट बनाया जाएगा और अब एएसटीआरओ प्रणाली समाप्त कर दी जाएगी।
इससे सीधे लाभ अंतरण को बढ़ावा मिलेगा।
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