बोर्डिंग स्कूल में बच्चों का यौन शोषण : मुरादाबाद से देहरादून गए थे दिव्यांग भाई; अटेंडेंट ने लोहे की रॉड से पीटा, सिगरेट से दागा
News Affair Team
Sun, Jun 1, 2025
देहरादून में दो मानसिक रूप से दिव्यांग भाइयों के साथ यौन शोषण और मारपीट का मामला, अटेंडेंट गिरफ्तार
देहरादून.
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां एक बोर्डिंग स्कूल में पढ़ने वाले दो मानसिक रूप से दिव्यांग नाबालिग भाइयों के साथ यौन शोषण और बर्बर पिटाई की गई। दोनों बच्चों के परिवार की शिकायत पर पुलिस ने स्कूल के एक अटेंडेंट को गिरफ्तार किया है।
घटना पटेल नगर कोतवाली क्षेत्र के बंजारावाला इलाके की है, जहां मानसिक रूप से विशेष बच्चों के लिए एक बोर्डिंग स्कूल संचालित होता है। पीड़ित दोनों बच्चे उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के निवासी हैं।
मां की शिकायत पर दर्ज हुआ मुकदमा
देहरादून के एसपी सिटी ने जानकारी दी कि बच्चों की मां की शिकायत पर पटेल नगर थाने में एफआईआर दर्ज की गई। आरोपी अटेंडेंट को गिरफ्तार कर लिया गया है और गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
पीड़ित बच्चों ने बताया कि आरोपी ने उनके साथ यौन शोषण किया, लोहे की रॉड से पीटा, पेट में लात मारी और सिगरेट से दागने तक की अमानवीय हरकतें कीं।
गूगल से मिली थी स्कूल की जानकारी
बच्चों की मां ने बताया कि उन्होंने इस बोर्डिंग स्कूल के बारे में गूगल पर खोज करके जानकारी प्राप्त की थी। इसके बाद अप्रैल 2025 में वह देहरादून आईं और स्कूल प्रबंधन से मुलाकात कर अपने दोनों बेटों का स्कूल में एडमिशन करा दिया।
मां ने पुलिस को बताया कि उनके बेटों की उम्र 13 और 9 वर्ष है और दोनों मानसिक रूप से विशेष जरूरतों वाले हैं।
स्कूल प्रबंधन ने नहीं रखा संपर्क
बच्चों की मां के अनुसार, एडमिशन के समय स्कूल प्रबंधन ने वादा किया था कि बच्चों की फोटो और वीडियो प्रतिदिन भेजी जाएंगी ताकि माता-पिता उनके हालात जान सकें। शुरुआती कुछ दिनों तक यह हुआ भी, लेकिन उसके बाद स्कूल ने संपर्क पूरी तरह बंद कर दिया।
मां ने बताया, "कई दिनों तक कोई अपडेट नहीं मिला। न वीडियो, न फोटो और न ही कोई कॉल। जब मैं संपर्क करने की कोशिश करती, तो प्रबंधन टाल देता।"
मां को नहीं मिलने दिया बच्चों से
मां ने बताया कि उन्होंने 16 मई को खुद देहरादून पहुंचकर स्कूल जाने का निर्णय लिया, लेकिन जब वह स्कूल पहुंचीं तो बच्चों से मिलने नहीं दिया गया। उन्हें कहा गया कि "बच्चे व्यस्त हैं, अभी मिलना संभव नहीं है।" मां को इस व्यवहार पर संदेह हुआ और उन्होंने दोबारा स्कूल आने की ठानी।
बच्चों ने डरते हुए मां को बताई आपबीती
बीते शुक्रवार को मां फिर से स्कूल पहुंचीं। इस बार उन्हें बच्चों से अकेले में मिलने दिया गया। जब उन्होंने बच्चों से एकांत में बातचीत की, तो दोनों कांपते हुए रोने लगे और धीरे-धीरे अपने साथ हुई अमानवीय घटनाओं का खुलासा किया।
बच्चों ने बताया कि स्कूल का एक अटेंडेंट उन्हें बुरी तरह मारता था, पेट में लात मारता था, लोहे की रॉड से पीटता था और यहां तक कि सिगरेट से जलाता भी था। उन्होंने बताया कि आरोपी यौन उत्पीड़न भी करता था, जिसकी वजह से वे डरे हुए और मानसिक रूप से टूट चुके हैं।
पुलिस ने गंभीर धाराओं में किया मामला दर्ज
पटेल नगर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act), यौन अपराध, मारपीट, मानवाधिकार उल्लंघन, और अन्य गंभीर आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बच्चों की मेडिकल जांच कराई जा रही है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।
प्रशासनिक चूक और जवाबदेही पर भी उठे सवाल
यह मामला न केवल शारीरिक और मानसिक शोषण का है, बल्कि यह सवाल भी उठाता है कि स्कूल प्रबंधन ने क्यों चुप्पी साधी? क्यों माता-पिता से संपर्क नहीं रखा गया? और विशेष बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी?
देहरादून के स्थानीय प्रशासन से लेकर शिक्षा विभाग तक, इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग उठ रही है।
बाल अधिकार आयोग ने सरकार से मांगी रिपोर्ट
इस दर्दनाक घटना पर मानवाधिकार संगठनों और बाल अधिकार आयोग ने भी गंभीर चिंता जताई है। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने उत्तराखंड सरकार से रिपोर्ट तलब की है और कहा है कि इस तरह की संस्थाओं की नियमित निगरानी होनी चाहिए।
घटना की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर लोगों में आक्रोश है। सभी की मांग है कि इस अमानवीय अपराध में लिप्त व्यक्ति को कठोर सजा दी जाए और बोर्डिंग स्कूल के लाइसेंस की भी जांच की जाए।
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