रमजान से पहले दुबई में ‘ऑपरेशन भिखारी’ : पाकिस्तानी गिरोहों पर शिकंजा; लग्जरी कारों वाला भिखारी भी पकड़ा गया
दुबई.
रमजान आने वाला है। खाड़ी देशों में यह महीना इबादत और खैरात का होता है। लेकिन इसी “उदारता” को कुछ लोग कारोबार बना लेते हैं। दुबई में इन दिनों पुलिस ने ऐसे ही ‘प्रोफेशनल भिखारियों’ के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है।
ताजा कार्रवाई में एक ऐसा भिखारी पकड़ा गया जिसके पास लाखों की संपत्ति और तीन लग्जरी कारें थीं। जी हां, सड़क पर चटाई बिछाकर बैठा यह शख्स करोड़पति निकला।

चटाई के नीचे 25 हजार दिरहम
दुबई पुलिस के संदिग्ध और आपराधिक घटना विभाग के निदेशक ब्रिगेडियर अली सलेम अल शम्सी के मुताबिक ये लोग जनता की धार्मिक भावनाओं और दान की परंपरा का फायदा उठाते हैं।
एक छापेमारी के दौरान बाजार में बैठे एक भिखारी की चटाई के नीचे से 25,000 दिरहम (करीब 6 लाख रुपए) बरामद हुए।
वहीं टूरिस्ट वीजा पर आए एक एशियाई व्यक्ति के पास से 5 लाख रुपए मिले। वह मस्जिदों के बाहर भीख मांगता था और सहानुभूति पाने के लिए अपने दो साल के बच्चे को साथ बैठाता था।
एक घंटे में 9 हजार रुपए!
भिखारियों की कमाई का अंदाजा लगाने के लिए शारजाह पुलिस ने एक परीक्षण किया। अधिकारियों ने सामान्य कपड़ों में भीख मांगी—और एक घंटे में 367 दिरहम (करीब 9 हजार रुपए) इकट्ठा कर लिए।
ब्रिगेडियर अल शम्सी के अनुसार गिरफ्तार लोगों में से 90% रमजान के दौरान “आसान पैसा” कमाने के लिए आने वाले पर्यटक हैं।
यानी यह सिर्फ गरीबी की कहानी नहीं, बल्कि संगठित नेटवर्क का मामला है।

पाकिस्तान से उड़ान भरते ‘भिखारी गैंग’
जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान के कुछ संगठित गिरोह लोगों को फ्लाइट टिकट और वीजा दिलवाकर दुबई भेजते हैं। इनमें ज्यादातर लोग सिंध प्रांत से होते हैं।
2025 में इसी वजह से UAE और सऊदी अरब ने करीब 24,000 पाकिस्तानियों को निर्वासित किया था।
पाकिस्तानी अखबार DAWN की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रैवल एजेंट मानते हैं कि पहली बार और सिंगल-एंट्री वीजा के 70-80% आवेदन रिजेक्ट हो रहे हैं।
UAE का सख्त कानून
संयुक्त अरब अमीरात यानी संयुक्त अरब अमीरात में भीख मांगना अपराध है।
भीख मांगते पकड़े जाने पर 5,000 दिरहम का जुर्माना
3 महीने तक जेल
विदेश से भिखारी भर्ती करने वालों के लिए 6 महीने जेल और कम से कम 1 लाख दिरहम का जुर्माना
तीन महीने पहले UAE ने पाकिस्तानी नागरिकों को वीजा जारी करना अस्थायी रूप से रोक दिया था। हालांकि ब्लू और डिप्लोमैटिक पासपोर्ट धारकों को वीजा मिल रहा है।
पाक गृह मंत्रालय के अधिकारी सलमान चौधरी के मुताबिक, आधिकारिक बैन नहीं है, लेकिन सख्ती जरूर बढ़ी है।

AI से पकड़ में आ रहे ‘संदिग्ध’ दस्तावेज
UAE अधिकारियों का कहना है कि कई आवेदकों के दस्तावेज संदिग्ध पाए गए। अब AI आधारित सिस्टम से जांच होती है। गड़बड़ी मिलते ही वीजा तुरंत रिजेक्ट हो जाता है। लाहौर के 28 साल के नदीम का मामला सामने आया—दो बार टूरिस्ट वीजा रिजेक्ट हुआ। ट्रैवल एजेंसी ने बताया कि 40 साल से कम उम्र वालों की ज्यादा जांच हो रही है।
पाकिस्तानियों पर बढ़ती वैश्विक सख्ती
पाकिस्तानी पासपोर्ट पहले ही दुनिया के कमजोर पासपोर्ट में गिना जाता है। अब कई देशों ने एंट्री नियम और सख्त कर दिए हैं।
भारत
2025 में भारत ने पाक नागरिकों के लिए सभी वीजा सेवाएं बंद कर दीं। पुराने वीजा रद्द, नए टूरिस्ट, बिजनेस या मेडिकल वीजा जारी नहीं हो रहे। यानी प्रवेश पर पूरी रोक।
इजराइल
इजराइल आम पाकिस्तानी पासपोर्ट पर प्रवेश नहीं देता। दोनों देशों के बीच राजनयिक रिश्ते नहीं हैं। सिर्फ विशेष सरकारी अनुमति से ही किसी को जाने की इजाजत मिलती है।
लीबिया
लीबिया में लंबे समय से अस्थिरता है। पाक नागरिकों के वीजा आवेदन ज्यादातर खारिज हो जाते हैं।
सूडान
सूडान में भी कड़े नियम हैं। वीजा मिलना लगभग नामुमकिन माना जाता है।
समस्या सिर्फ कानून की नहीं, छवि की भी
UAE और पाकिस्तान के बीच मजबूत राजनीतिक और आर्थिक रिश्ते हैं। लाखों पाकिस्तानी वहां काम करते हैं। लेकिन अपराध और भीख मांगने की खबरों ने छवि को नुकसान पहुंचाया है।
रमजान के दौरान दान की परंपरा को कुछ गिरोह कमाई का सीजन बना लेते हैं। इससे असली जरूरतमंदों की पहचान भी मुश्किल हो जाती है।
दुबई का संदेश साफ
दुबई प्रशासन का कहना है कि दान देना है तो अधिकृत चैरिटी संगठनों को दें। सड़क पर बैठकर भीख मांगने वालों को पैसा देने से यह नेटवर्क और मजबूत होता है। रमजान इबादत का महीना है, लेकिन कानून भी उतना ही सख्त है।
अब सवाल यह है—क्या पाकिस्तान इन संगठित गिरोहों पर कार्रवाई करेगा? क्या वीजा सख्ती से हालात सुधरेंगे? फिलहाल दुबई का ‘ऑपरेशन भिखारी’ जारी है। और संदेश साफ है—धोखे से कमाई का रास्ता यहां नहीं चलेगा।
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