Advertisment

News Affair में आपका हार्दिक स्वागत है — आपकी अपनी हिंदी न्यूज़ पोर्टल, जहाँ हर खबर मिलती है सही, सटीक और सबसे पहले।

हमारे साथ जुड़िए देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों, राजनीति, खेल, मनोरंजन, व्यापार और तकनीक की हर बड़ी अपडेट के लिए। हम हैं आपकी आवाज़, आपके सवाल और आपकी जिज्ञासा के साथ — निष्पक्ष, निर्भीक और नई सोच के साथ।

21st October 2026

ब्रेकिंग

छत्तीसगढ़ में 2 नई ट्रेन का शुभारंभ; रायपुर में बनेगी 300 इलेक्ट्रिक इंजनों की मेंटेनेंस फैसिलिटी

बच्ची 5 महीने की गर्भवती हुई; बैगा गिरफ्तार, POCSO में केस

एक महीने पहले DGCA को बतानी होगी कीमत; इमरजेंसी में सरकार कर सकेगी दखल

मस्जिद में अश्लील हरकत का आरोप; बांग्लादेश सरकार बोली- सजा से पहले हमें जानकारी नहीं दी गई

भारतीय सामानों को मिलेगी 100% ड्यूटी-फ्री एंट्री; 15 साल में ₹1.90 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य

लोन सस्ते नहीं होंगे : RBI ने लगातार दूसरी बार रेपो रेट 5.5% पर स्थिर रखा, GDP ग्रोथ अनुमान बढ़कर 6.8%

News Affair Team

Wed, Oct 1, 2025

मुंबई.

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने लगातार दूसरी बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। इसे 5.5% पर बरकरार रखा गया है। इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा क्योंकि लोन महंगे नहीं होंगे और EMI भी नहीं बढ़ेगी।

यह फैसला मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की 29 सितंबर से 1 अक्टूबर तक चली बैठक में लिया गया। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 1 अक्टूबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी घोषणा की। उन्होंने बताया कि कमेटी के सभी सदस्यों ने ब्याज दर स्थिर रखने का समर्थन किया।

GDP ग्रोथ अनुमान में सुधार

RBI ने देश की आर्थिक स्थिति को देखते हुए GDP ग्रोथ अनुमान 6.5% से बढ़ाकर 6.8% कर दिया है। गवर्नर मल्होत्रा ने कहा कि GST में कटौती और महंगाई में कमी को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

इस साल तीन बार घट चुका है रेपो रेट

  • फरवरी 2025 : रेपो रेट 6.5% से घटाकर 6.25% किया गया।

  • अप्रैल 2025 : 0.25% की और कटौती।

  • जून 2025 : 0.50% की कटौती।

तीन बैठकों में कुल मिलाकर 1% की कमी की गई। इसके बाद अब लगातार अगस्त और अक्टूबर की बैठकों में इसे स्थिर रखा गया है।

रेपो रेट क्यों अहम है?

रेपो रेट वह ब्याज दर है जिस पर RBI बैंकों को कर्ज देता है।

  • रेपो रेट बढ़ने पर : बैंकों के लिए कर्ज महंगा हो जाता है, नतीजतन लोन महंगे हो जाते हैं और महंगाई घटती है।

  • रेपो रेट घटने पर : बैंकों को सस्ता कर्ज मिलता है, जिससे ग्राहकों को भी सस्ता लोन मिलता है और अर्थव्यवस्था में मनी फ्लो बढ़ता है।

एक्सपर्ट्स का क्या कहना है?

  1. संतोष अग्रवाल (CFO, अल्फा कॉर्प डेवलपमेंट लिमिटेड)

    • "रेपो रेट को स्थिर रखना आर्थिक स्थिरता और महंगाई नियंत्रण के लिए संतुलित कदम है।

    • होम बायर्स को EMI स्थिर रहने से लंबी अवधि के निवेश में भरोसा मिलेगा।"

  2. अभिषेक त्रेहान (ED, त्रेहान आईरिस)

    • "खरीदारों के लिए ईएमआई का बोझ न बढ़ना फायदेमंद है।

    • डेवलपर्स बड़े प्रोजेक्ट्स की फाइनेंसिंग आसानी से मैनेज कर पाएंगे।"

RBI की बैठकें – हर दो महीने

MPC में 6 सदस्य होते हैं (3 RBI से और 3 केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त)। हर दो महीने में बैठक होती है।
वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 6 बैठकें प्रस्तावित हैं। अप्रैल और जून के बाद, यह तीसरी बैठक थी।

RBI का यह कदम आम लोगों, होम बायर्स और डेवलपर्स सभी के लिए राहत भरा है। महंगाई नियंत्रण और आर्थिक स्थिरता को देखते हुए रेपो रेट को फिलहाल 5.5% पर स्थिर रखा गया है।

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन