1000 साल पुराने शिव मंदिरों पर थाईलैंड-कंबोडिया में युद्ध : थाईलैंड में 1 लाख से ज्यादा लोग बेघर, 15 की मौत; UN सुरक्षा परिषद की आज रात आपात बैठक
बैंकॉक/फ्नोमपेन्ह.
थाईलैंड और कंबोडिया के बीच हजार साल पुराने दो प्राचीन हिंदू शिव मंदिरों को लेकर उपजा सीमा विवाद अब हिंसक टकराव में बदल चुका है। संघर्ष का यह दूसरा दिन है और अब तक थाईलैंड में 15 लोगों की मौत और 1 लाख से अधिक लोगों के बेघर होने की पुष्टि हो चुकी है।
ता मुएन थॉम मंदिर और प्रीह विहियर मंदिर के स्वामित्व को लेकर शुरू हुआ विवाद अब 12 सीमा क्षेत्रों तक फैल चुका है, जहां झड़पें हो रही हैं। थाई सरकार ने कंबोडिया सीमा से लगे 8 जिलों में मार्शल लॉ लागू कर दिया है।

वहीं दूसरी ओर थाईलैंड की प्रधानमंत्री ने अमेरिका और चीन दोनों की मध्यस्थता की पेशकश ठुकरा दी है। उन्होंने चेतावनी दी है कि "कंबोडिया के साथ सीमा विवाद एक पूर्ण युद्ध में बदल सकता है।" संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद आज रात एक आपात बैठक करेगी।
मंदिरों पर दोनों देशों का दावा
ता मुएन थॉम मंदिर वर्तमान में थाईलैंड की सीमा में है, लेकिन कंबोडिया इसे अपना ऐतिहासिक और सांस्कृतिक हिस्सा मानता है।
प्रीह विहियर मंदिर पर 1962 में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने कंबोडिया के पक्ष में निर्णय दिया था, लेकिन आसपास की जमीन को लेकर विवाद अब भी जारी है।
2008 में UNESCO द्वारा इसे वर्ल्ड हेरिटेज साइट घोषित किए जाने के बाद से संघर्ष और तेज हो गया।
सीमा पर झड़पें, फायरिंग, ड्रोन तैनात
28 मई को एमरॉल्ड ट्राइएंगल में हुई झड़प में एक कंबोडियाई सैनिक की मौत के बाद से तनाव बढ़ा।
24 जुलाई को ता मुएन थॉम मंदिर के पास फिर झड़प हुई, जिसमें थाई सैनिकों ने मंदिर की घेराबंदी की और ड्रोन से निगरानी की।
दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर संघर्ष शुरू करने का आरोप लगाया है।
भारत ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी
भारत सरकार के थाईलैंड स्थित दूतावास ने एडवाइजरी जारी कर भारतीय नागरिकों से कहा है कि वे थाई-कंबोडिया सीमा के पास के 7 राज्यों में यात्रा करने से बचें:
उबोन रत्चथानी
सुरिन
सिसाकेत
बुरीराम
सा काओ
चंथाबुरी
ट्राट
मंदिरों की ऐतिहासिक जानकारी

ता मुएन थॉम मंदिर (थाईलैंड) : 11वीं शताब्दी में बना शिव मंदिर
खमेर वास्तुकला में निर्मित।
शिवलिंग चट्टान को तराशकर बनाया गया।
प्रवेश द्वार दक्षिण दिशा में — जो दुर्लभ खमेर विशेषता है।

प्रीह विहियर मंदिर (कंबोडिया)
9वीं-12वीं शताब्दी के बीच निर्मित।
दांगरेक पहाड़ियों की चोटी पर स्थित।
दीवारों पर शिव, विष्णु, ब्रह्मा, अप्सराओं की नक्काशी।
1962 में ICJ ने इसे कंबोडिया का हिस्सा बताया।
थाई प्रधानमंत्री को गंवानी पड़ी कुर्सी

15 जून को थाईलैंड की प्रधानमंत्री पाइतोंग्तार्न शिनवात्रा ने कंबोडिया के पीएम हुन सेन से बात की थी और अपनी सेना की आलोचना कर दी थी। यह बात लीक होते ही देशभर में सैन्य संस्थानों में नाराजगी फैली और बाद में कोर्ट ने उन्हें पद से हटा दिया।
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