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21st April 2026

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Ullu, ALTT, देसी फ्लिक्स सहित 25 ऐप्स बैन : अश्लील OTT प्लेटफॉर्म्स पर केंद्र सरकार की बड़ी कार्रवाई; कंटेंट गाइडलाइंस भी सख्त

News Affair Team

Fri, Jul 25, 2025

नई दिल्ली.

केंद्र सरकार ने देश में अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट प्रसारित करने वाले 25 OTT प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगाने की घोषणा की है।

सरकार का कहना है कि ये प्लेटफॉर्म एंटरटेनमेंट के नाम पर अश्लीलता फैला रहे थे, जो भारतीय संस्कृति, समाज और कानून के खिलाफ है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स (ISPs) को निर्देश दिया गया है कि वे इन ऐप्स और वेबसाइट्स को तुरंत ब्लॉक करें। इनमें ALTT, Ullu, देसी फ्लिक्स, बिग शॉट्स, वाव एंटरटेनमेंट जैसे प्रसिद्ध ऐप्स शामिल हैं।

बैन किए गए OTT प्लेटफॉर्म्स की सूची

ALTT

Ullu

देसी फ्लिक्स

बिग शॉट्स

नवरस लाइट

गुलाब एप

बूमेक्स

कंगन एप

बुल एप

जलवा एप

वाव एंटरटेनमेंट

लुक एंटरटेनमेंट

हिटप्राइम

फेनियो

शोएक्स

हॉटएक्स VIP

हलचल एप

नियोनएक्स VIP

सोल टॉकीज

अड्डा टीवी

मूडएक्स

मोजफ्लिक्स

ट्राइफ्लिक्स

फ्यूगी

शोहिट

चार कानूनों के अंतर्गत प्रतिबंध:

  1. IT Act, 2000 (Section 67): अश्लील सामग्री का ऑनलाइन प्रसारण गैरकानूनी।

  2. IT Act, 2000 (Section 67A): यौन गतिविधियों से संबंधित कंटेंट का ऑनलाइन प्रकाशन अपराध है।

  3. BNS 2023 (Section 294): सार्वजनिक अश्लीलता दंडनीय अपराध है।

  4. महिला अश्लीलता निषेध अधिनियम 1986 (धारा 4): महिलाओं को अश्लील रूप में चित्रित करना अवैध।

लॉकडाउन के बाद ओटीटी पर अश्लील कंटेंट में वृद्धि

2020 के लॉकडाउन के बाद OTT प्लेटफॉर्म्स की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी, लेकिन इसी दौरान Ullu और ALTT जैसे ऐप्स पर एडल्ट और बोल्ड कंटेंट की बाढ़ गई।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मई 2020 में ALTT की व्यूअरशिप में 60% वृद्धि हुई, जबकि MX प्लेयर पर 1.1 करोड़ स्ट्रीमिंग एक एडल्ट शो के लिए दर्ज हुई।

सरकार की गाइडलाइंस और रेगुलेशन कोड

  • सरकार ने 2021 में आईटी (इंटरमीडियरी गाइडलाइन्स एंड डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) जारी किया था, जिसे अप्रैल 2023 में अपडेट किया गया। इसमें स्पष्ट निर्देश दिए गए कि:

  • आत्महत्या, न्यूडिटी और हिंसा से जुड़ा कंटेंट चेतावनी के साथ ही दिखाया जा सकता है।

  • भाषा और भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।

  • U/A 16+ और A कैटेगरी के कंटेंट को स्पष्ट वर्गीकरण के साथ प्रदर्शित करना अनिवार्य।

  • सभी प्लेटफॉर्म पर ग्रिवांस ऑफिसर नियुक्त करना आवश्यक है।

सेल्फ रेगुलेशन कोड बना, लेकिन असर नहीं

2020 में नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम जैसे 15 बड़े OTT प्लेटफॉर्म्स ने मिलकर सेल्फ रेगुलेशन कोड बनाया था, जिसमें तय किया गया कि: राष्ट्र विरोधी, चाइल्ड पोर्नोग्राफी और धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कंटेंट नहीं दिखाया जाएगा। लेकिन इन नियमों का पालन व्यापक रूप से नहीं हुआ, जिससे सरकार को सख्त कदम उठाना पड़ा।

राज कुंद्रा केस बना टर्निंग पॉइंट

2021 में अभिनेता शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा पर OTT प्लेटफॉर्म 'हॉटशॉट' के जरिए पोर्नोग्राफी प्रसारित करने का आरोप लगा था। इसके बाद देश में OTT निगरानी की जरूरत पर जोर बढ़ा और सरकार ने कड़े कानून बनाने शुरू किए।

OTT की शुरुआत और बढ़ती लोकप्रियता का इतिहास

  • 2008 मेंबिगफ्लिक्सभारत का पहला OTT बना।

  • 2013 मेंनेक्सजीटीवीने IPL की लाइव स्ट्रीमिंग शुरू की।

  • 2015 मेंहॉटस्टारने ओटीटी को घर-घर पहुंचाया।

आज OTT प्लेटफॉर्म्स भारत के मनोरंजन उद्योग का एक बड़ा हिस्सा हैं, लेकिन अब सरकार इसके सामाजिक और सांस्कृतिक प्रभावों को लेकर गंभीर है।

मनोरंजन हो, अश्लीलता नहीं

सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह रचनात्मक और स्वस्थ मनोरंजन को प्रोत्साहन देगी, लेकिन अश्लीलता और सामाजिक विघटन फैलाने वाले कंटेंट पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

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