44 साल का सूखा खत्म, हॉकी में भारत का राज : चीन को 1-0 से हराकर महिला टीम बनी एशियन चैंपियन; LA 2028 का टिकट भी हासिल
नई दिल्ली.
भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में इतिहास रच दिया। चीन को फाइनल में 1-0 से हराकर भारत ने 44 साल बाद महिला हॉकी का गोल्ड मेडल अपने नाम किया। भारत की ओर से निर्णायक गोल लालरेमसियामी ने किया। इस जीत के साथ टीम ने लॉस एंजिलिस 2028 ओलिंपिक के लिए सीधे क्वालिफाई भी कर लिया।
भारत ने आखिरी बार 1982 के दिल्ली एशियन गेम्स में महिला हॉकी का स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद 1998 और 2018 में टीम फाइनल तक पहुंची, लेकिन दोनों बार सिल्वर से संतोष करना पड़ा। अब नागोया में चीन को हराकर भारतीय टीम ने चार दशक से ज्यादा लंबा इंतजार खत्म कर दिया।


10वें मिनट में लालरेमसियामी का गोल, फिर डिफेंस ने संभाला मोर्चा
फाइनल में भारत को शुरुआती मिनटों में चीन के दबाव का सामना करना पड़ा। इसके बाद भारतीय टीम ने आक्रामक खेल शुरू किया और 10वें मिनट में लालरेमसियामी ने रिवर्स हिट से गोल कर भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी।
इसके बाद चीन ने बराबरी के लिए लगातार हमले किए, लेकिन भारतीय डिफेंस ने मौके नहीं दिए। पहले हाफ में चीन को पेनल्टी स्ट्रोक भी मिला, लेकिन गोलकीपर सविता पूनिया ने शानदार बचाव करते हुए भारत की बढ़त कायम रखी।
दूसरे हाफ में भी चीन ने कई बार भारतीय सर्कल में प्रवेश किया, लेकिन भारत ने अपनी एक गोल की बढ़त को आखिर तक बचाए रखा और फाइनल अपने नाम कर लिया।
गोल्ड के साथ ओलिंपिक का टिकट
एशियन गेम्स में हॉकी चैंपियन बनने का सीधा फायदा भारत को ओलिंपिक क्वालिफिकेशन के रूप में मिला। महिला हॉकी में एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम को LA 2028 का सीधा कोटा मिलता है। भारत ने अब यह जगह पक्की कर ली है।
यह उपलब्धि इसलिए भी अहम है क्योंकि भारतीय महिला हॉकी टीम पेरिस 2024 ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाई थी। अब टीम के पास 2028 में ओलिंपिक में वापसी का मौका होगा।
एक दिन में भारत के 6 गोल्ड
महिला हॉकी का गोल्ड भारत के लिए दिन का छठा स्वर्ण पदक रहा। इससे पहले भारत ने बॉक्सिंग, कुश्ती और तीरंदाजी में भी गोल्ड जीते।
भारत के लिए इस दिन स्वर्ण जीतने वालों में:
महिला रिकर्व टीम – अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहोड़
सुजीत कलकल – पुरुष 65 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती
परवीन हुड्डा – महिला 65 किग्रा बॉक्सिंग
लवलीना बोरगोहेन – महिला 75 किग्रा बॉक्सिंग
अंकुश पंघाल – पुरुष 80 किग्रा बॉक्सिंग
भारतीय महिला हॉकी टीम – फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर
इस तरह भारत ने एक ही दिन में छह स्वर्ण पदक अपने नाम किए।

बॉक्सिंग में भारत के तीन गोल्ड
भारत के लिए बॉक्सिंग में भी दिन ऐतिहासिक रहा। परवीन हुड्डा ने महिलाओं के 65 किग्रा फाइनल में चेन निएन-चिन को 3-2 से हराया। लवलीना बोरगोहेन ने 75 किग्रा वर्ग में चीन की बाओ जियी को 5-0 से मात दी।
इसके बाद अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किग्रा फाइनल में दक्षिण कोरिया के किम मिन-सियोंग को 4-0 से हराकर स्वर्ण जीता। इस तरह एक ही दिन भारत ने बॉक्सिंग में तीन गोल्ड अपने नाम किए।

2-9 से पिछड़ने के बाद सुजीत ने पलटा मुकाबला
कुश्ती में सुजीत कलकल ने 65 किग्रा फ्रीस्टाइल के फाइनल में ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुडिएव को 10-9 से हराया। मुकाबले में एक समय सुजीत 2-9 से पीछे थे। आखिरी समय में उन्होंने लगातार टेकडाउन करते हुए स्कोर पलट दिया और 10-9 की जीत के साथ गोल्ड हासिल किया।
महिला रिकर्व टीम ने भी रचा इतिहास
अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहोड़ की भारतीय महिला रिकर्व टीम ने दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। यह एशियन गेम्स में इस इवेंट में भारत का पहला गोल्ड है।
भारत को पुरुष रिकर्व टीम और कुमकुम मोहोड़-धीरज बोम्मदेवरा की मिक्स्ड रिकर्व टीम में सिल्वर भी मिला। वहीं नेथ्रा कुमानन ने महिला डिंगी सेलिंग में ब्रॉन्ज जीता।
16 गोल्ड के साथ भारत मेडल टैली में पांचवें स्थान पर
महिला हॉकी के स्वर्ण के बाद भारत के एशियन गेम्स में 16 गोल्ड हो गए। ताजा अपडेट के मुताबिक भारत मेडल टैली में पांचवें स्थान तक पहुंच गया है।
एक ही दिन छह गोल्ड जीतना भी भारतीय अभियान का खास पड़ाव रहा। इससे पहले भारत ने 2023 एशियन गेम्स में एक दिन में छह स्वर्ण पदक जीते थे।
महिला हॉकी के इस गोल्ड ने भारत के एशियन गेम्स अभियान को एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दे दी है, 44 साल बाद एशियन चैंपियन और अब LA 2028 का सीधा टिकट।
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