NSUI कार्यकर्ताओं-पुलिस में धक्का-मुक्की : पटना में विधानसभा घेरने जा रहे छात्रों पर चलाया गया वॉटर कैनन; कांग्रेस ने कार्रवाई को बताया दमनकारी
News Affair Team
Thu, Jul 24, 2025
पटना.
राजधानी पटना में NSUI (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) के कार्यकर्ताओं ने शिक्षा और छात्र अधिकारों से जुड़ी मांगों को लेकर बिहार विधानसभा का घेराव किया। प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम के नेतृत्व में छात्रों ने राजापुर पुल, बोरिंग रोड चौराहा होते हुए विधानसभा की ओर मार्च निकाला, जिसे पुलिस ने राजापुर पुल के पास बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की, वाटर कैनन का प्रयोग और हल्का बल प्रयोग भी देखने को मिला। कुछ कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए तो कुछ सड़क पर बैठकर सरकार विरोधी नारेबाजी करने लगे।वाटर कैनन से रोका गया मार्च
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन (पानी की तेज बौछार) का प्रयोग किया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने गाली-गलौज की, कपड़े फाड़े और कुछ छात्रों को हिरासत में लिया। यह झड़प लगभग 45 मिनट तक चली।
NSUI की प्रमुख 5 मांगें:
निजी शिक्षण संस्थानों में आरक्षण और SC-ST सब-प्लान लागू किया जाए।
3 साल की डिग्री को 5 साल में न बदला जाए, समय पर डिग्री दी जाए।
50% आरक्षण सीमा हटाने की किसी भी योजना को रोका जाए।
SC/ST/OBC छात्रों की स्कॉलरशिप में 70% कटौती क्यों की गई, इसका जवाब मिले।
छात्र क्रेडिट कार्ड से पढ़ाई तो कराई, लेकिन नौकरी नहीं मिली, सरकारी नौकरियों के खाली पद भरे जाएं।
कांग्रेस नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया
राजेश राम (NSUI अध्यक्ष): "हम SIR और 2 करोड़ वोटरों के नाम हटाने के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। सरकार हमें रोके तो सही, हम पीछे हटने वाले नहीं हैं।"
शकील अहमद (कांग्रेस विधायक दल नेता): "हर सवाल पर सरकार दमन पर उतर आती है। यह पुलिस की नहीं, सिस्टम की विफलता है।"
मदन मोहन झा (कांग्रेस MLC): "सरकार छात्रों की बात नहीं सुन रही। यूनिवर्सिटीज़ में अराजकता फैली है। हम छात्रों के साथ हैं।"
राज्यव्यापी छात्र एकजुटता
इस प्रदर्शन में पटना यूनिवर्सिटी सहित पूरे बिहार के कॉलेजों और यूनिवर्सिटियों के छात्र शामिल हुए। छात्र-छात्राएं बैनर, पोस्टर और नारेबाजी के साथ सरकार के खिलाफ शिक्षा व्यवस्था में सुधार और रोजगार की मांग कर रहे थे।
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