चार दशक बाद भारत में IATA मीटिंग : PM मोदी ने कहा– आज का भारत आत्मविश्वासी, इनोवेटिव और ग्लोबल एयर सेक्टर में अग्रणी; एविएशन में अब वैल्यू चेन लीडर
नई दिल्ली.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि "आज का भारत पहले से कहीं अधिक आत्मविश्वास से भरा हुआ है और ग्लोबल एयर ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्री में अब केवल एक बड़ा मार्केट नहीं, बल्कि पॉलिसी लीडरशिप और इनक्लूसिव डेवलपमेंट का प्रतीक बन गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ग्लोबल एविएशन सेक्टर के प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे। IATA (International Air Transport Association) की 81वीं एनुअल जनरल मीटिंग और वर्ल्ड एयर ट्रांसपोर्ट समिट (WATS) का आयोजन 42 साल बाद भारत में हो रहा है।
PM मोदी के भाषण की मुख्य बातें
· भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार है।
· उड़ान योजना (UDAN Scheme) भारत की सिविल एविएशन के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है।
· 2014 तक भारत में सिर्फ 74 ऑपरेशनल एयरपोर्ट थे, जो आज बढ़कर 162 हो चुके हैं।
· हर साल 50 करोड़ यात्री भारतीय एयरपोर्ट्स के जरिए यात्रा कर रहे हैं।
· भारत यूज़र एक्सपीरियंस में नई टेक्नोलॉजी स्टैंडर्ड्स सेट कर रहा है।
· ग्लोबल एयरलाइंस और निवेशकों के लिए भारत एक बेहतरीन अवसर बन चुका है।
· "दुनिया अब भारत को एविएशन मार्केट नहीं, बल्कि वैल्यू चेन लीडर के रूप में देख रही है।"
· "हमारी दिशा सही है, गति सही है, और हमें विश्वास है हम तेजी से आगे बढ़ते रहेंगे।"
IATA मीटिंग में उठे ये वैश्विक मुद्दे
इस बार की IATA AGM 2025 में निम्नलिखित प्रमुख विषयों पर चर्चा हो रही है:
· एविएशन सेक्टर में स्थिरता और पर्यावरण संतुलन
· Net-Zero Emission लक्ष्य की दिशा में वैश्विक प्रयास
· उभरते देशों में कनेक्टिविटी और नेटवर्क विस्तार
· एयरलाइनों की सुरक्षा और यात्रियों की सुविधा
· टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन और ग्लोबल कोलैबोरेशन
· इवेंट की मेजबानी 1 से 3 जून 2025 तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में हो रही है।
· 1,700 से अधिक प्रतिनिधि – जिनमें एविएशन इंडस्ट्री लीडर्स, सरकारी अधिकारी और इंटरनेशनल मीडिया शामिल हैं – इस वैश्विक मंच का हिस्सा बने हैं।
· भारत ने पिछली बार 1983 में IATA की मेजबानी की थी।
IATA क्या है?
· IATA (International Air Transport Association) एक ग्लोबल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन है जो 1945 में स्थापित हुआ था।
· यह 300 से ज्यादा एयरलाइनों और 100 से अधिक देशों का प्रतिनिधित्व करता है।
· IATA का उद्देश्य है – एविएशन को सुरक्षित, कुशल, किफायती और पर्यावरण-अनुकूल बनाना।
भारत: एविएशन सेक्टर का भविष्य
प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन ने यह साफ कर दिया कि भारत वैश्विक एविएशन नेतृत्व की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है। निवेश, टेक्नोलॉजी, नीति और जनसमर्थन – इन सभी क्षेत्रों में भारत ने अपना लोहा मनवाया है। IATA AGM 2025 न केवल भारत की विकासगाथा का प्रतिबिंब है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत अब मार्गदर्शक की भूमिका में आ चुका है।
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