महानदी जल विवाद पर आज दिल्ली में बड़ी बैठक : अमित शाह के सामने साय-माझी होंगे आमने-सामने; पानी के बंटवारे और प्रबंधन पर चर्चा
रायपुर.
छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से चले आ रहे महानदी जल विवाद के समाधान की कोशिशों को गुरुवार को नई दिशा मिल सकती है। नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की अहम बैठक हो रही है। इसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी शामिल होंगे।
बैठक में महानदी के पानी के बंटवारे, जल प्रबंधन और दोनों राज्यों के बीच आगे की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है। दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी स्तर के अधिकारी भी बातचीत का हिस्सा होंगे।

2018 से ट्रिब्यूनल में लंबित है मामला
महानदी जल विवाद को लेकर ओडिशा की मांग के बाद केंद्र सरकार ने 12 मार्च 2018 को अंतरराज्यीय नदी जल विवाद अधिनियम, 1956 के तहत महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण का गठन किया था। विवाद मुख्य रूप से महानदी के ऊपरी हिस्से में छत्तीसगढ़ की जल परियोजनाओं और ओडिशा में पानी के प्रवाह को लेकर है।
ओडिशा लंबे समय से यह मुद्दा उठाता रहा है कि गैर-मानसून अवधि में छत्तीसगढ़ की अपस्ट्रीम परियोजनाओं से राज्य की ओर आने वाले पानी के प्रवाह पर असर पड़ता है। दूसरी ओर, छत्तीसगढ़ जल उपयोग और अपनी परियोजनाओं को लेकर अपना पक्ष रखता रहा है।

30 जुलाई की बैठक के बाद फिर बातचीत
इससे पहले 30 जुलाई को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक हुई थी। इसमें केंद्र, केंद्रीय जल आयोग और दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए थे। बैठक का उद्देश्य संवाद, तकनीकी सहयोग और सहकारी संघवाद के जरिए विवाद का समाधान तलाशना था। ओडिशा के मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक उस बैठक में महानदी के जल बंटवारे और प्रबंधन पर चर्चा हुई थी।
20 सितंबर को साय-माझी की मुलाकात
इसके बाद 20 सितंबर को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भुवनेश्वर में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच महानदी समेत दोनों राज्यों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत हुई।
मुलाकात के बाद साय ने विवाद के जल्द समाधान की उम्मीद जताई थी। वहीं, ओडिशा की ओर से भी आपसी बातचीत और सहमति के जरिए समाधान की बात कही गई है।

महानदी सिर्फ पानी का विवाद नहीं
महानदी का पानी दोनों राज्यों की खेती, सिंचाई, उद्योग और बिजली उत्पादन से जुड़ा है। इसलिए इसके बंटवारे का सवाल केवल कानूनी या प्रशासनिक मुद्दा नहीं है, बल्कि दोनों राज्यों की अर्थव्यवस्था और बड़ी आबादी से जुड़ा विषय है।
इंडिया-वॉटर रिसोर्सेज इन्फॉर्मेशन सिस्टम के अनुसार महानदी का उद्गम छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में होता है और नदी करीब 851 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए बंगाल की खाड़ी में गिरती है। इसका बेसिन मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ और ओडिशा में फैला है, जबकि इसका कुछ हिस्सा अन्य राज्यों में भी आता है।
बाढ़ और जल प्रबंधन भी बातचीत का हिस्सा
महानदी बेसिन में हाल की बारिश और बाढ़ की परिस्थितियों को देखते हुए जल प्रबंधन का मुद्दा भी महत्वपूर्ण हो गया है। ऐसे में बैठक में केवल पानी के बंटवारे के बजाय जल संचयन, प्रवाह प्रबंधन और दोनों राज्यों के बीच बेहतर समन्वय जैसे विषयों पर भी चर्चा हो सकती है।
मुख्यमंत्री साय दो दिवसीय दिल्ली दौरे पर हैं। बैठक को 2018 से लंबित विवाद के समाधान के लिए केंद्र की मध्यस्थता में चल रही बातचीत की अगली महत्वपूर्ण कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है।

दोनों पक्षों के तर्कों और तकनीकी पहलुओं पर केंद्रीय जल आयोग तथा महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण की प्रक्रिया में भी विचार किया जा रहा है।
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन