अजित पवार प्लेन क्रैश : “ओह शिट… ओह शिट…” आखिरी शब्द, आखिरी मोड़ और AAIB रिपोर्ट में छिपे सवाल
News Affair Team
Sun, Mar 1, 2026
मुंबई.
28 जनवरी 2026। सुबह का वक्त। मुंबई का आसमान साफ था। एक प्राइवेट जेट रनवे पर खड़ा था। गंतव्य – बारामती। यात्रियों में सबसे बड़ा नाम – महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार।
सुबह 8:09 बजे टेकऑफ हुआ। यह एक सामान्य उड़ान होनी चाहिए थी। लेकिन अगले 10 मिनट में जो हुआ, उसने सब कुछ बदल दिया।
अब Aircraft Accident Investigation Bureau यानी AAIB की 22 पेज की प्राइमरी रिपोर्ट सामने आई है। और इस रिपोर्ट में उस आखिरी उड़ान के हर सेकंड की कहानी दर्ज है।

सब कुछ ठीक था… शुरुआत में
इस विमान ने एक दिन पहले ही उड़ान पूरी की थी। 26 जनवरी को यह विमान मुंबई से सूरत गया। फिर वापस मुंबई लौटा। 27 जनवरी की रात 12:20 बजे यह मुंबई पहुंचा। टेक्नीशियन ने पोस्ट-फ्लाइट चेक किया।
रिपोर्ट कहती है- कोई तकनीकी खराबी नहीं थी।
मतलब—विमान पूरी तरह फिट था। अब सवाल यह उठता है- फिर हादसा हुआ कैसे?
8:19 बजे – बारामती टावर से पहला संपर्क
28 जनवरी की सुबह 8:09 बजे टेकऑफ हुआ। 8:19 बजे विमान ने बारामती टावर से संपर्क किया। ATC ने जानकारी दी- विजिबिलिटी सिर्फ 3 किलोमीटर थी।
एविएशन में यह एक चेतावनी होती है। मतलब—रनवे साफ दिखना मुश्किल हो सकता है। लेकिन विमान ने अप्रोच जारी रखा।

पहली कोशिश नाकाम – “गो अराउंड”
पायलट ने पहली बार लैंडिंग की कोशिश की। लेकिन सफल नहीं हुए। उन्होंने “गो अराउंड” किया। यानी—लैंडिंग रद्द, दोबारा कोशिश। यह सामान्य प्रक्रिया है। लेकिन यहीं से जोखिम बढ़ गया।
दूसरी कोशिश – और आखिरी फैसला
दूसरे अप्रोच के दौरान पायलट ने कहा- “फील्ड इन साइट”, मतलब—रनवे दिख रहा है। ATC ने रनवे 11 पर लैंडिंग क्लियरेंस दे दिया। साथ ही बताया- हवाएं शांत हैं।
सब कुछ सामान्य लग रहा था। लेकिन वास्तविकता कुछ और थी।

CCTV में कैद हुआ आखिरी मोड़
AAIB ने आसपास के गांव के CCTV फुटेज की जांच की। इसमें दिखा- विमान रनवे की ओर आ रहा था। फिर अचानक विमान दाईं ओर मुड़ गया। यह सामान्य नहीं था।
कुछ सेकंड बाद विमान पेड़ों से टकराया। फिर जमीन से टकराया। और फिर आग का गोला बन गया। कॉकपिट और केबिन पूरी तरह जल गए। किसी को बचने का मौका नहीं मिला।
आखिरी शब्द – “ओह शिट… ओह शिट…”
AAIB रिपोर्ट का सबसे दर्दनाक हिस्सा। कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में आखिरी शब्द रिकॉर्ड हुए। क्रू मेंबर ने कहा- “ओह शिट… ओह शिट…”
यह सिर्फ शब्द नहीं थे। यह उस पल की घबराहट थी। वह पल जब पायलट को समझ आ गया था, अब कंट्रोल वापस नहीं आएगा।
रनवे भी शक के घेरे में
AAIB रिपोर्ट में बारामती एयरपोर्ट की स्थिति पर भी सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट कहती है—
रनवे की री-कारपेटिंग मार्च 2016 में हुई थी
रनवे की मार्किंग फीकी पड़ चुकी थी
सतह पर ढीली बजरी मौजूद थी
अब बड़ा सवाल- क्या रनवे ने हादसे को और खतरनाक बना दिया?
पायलट थके हुए नहीं थे
अक्सर विमान हादसों में पायलट की थकान कारण होती है। लेकिन यहां ऐसा नहीं था। रिपोर्ट के मुताबिक-
पायलट इन कमांड (61 वर्ष) को 34 घंटे का आराम मिला था
सह-पायलट (25 वर्ष) को 9 दिन और 15 घंटे का आराम मिला था
मतलब पायलट पूरी तरह फिट थे।
यह जेट कितना खास था?
यह विमान Learjet 45XR था। इसे सुपर-लाइट बिजनेस जेट कहा जाता है।
इसकी खासियत—
स्पीड: 870 किमी प्रति घंटा
रेंज: 3700 किमी
क्षमता: 6–8 यात्री
दो पावरफुल इंजन
यह VIP यात्राओं के लिए इस्तेमाल होता है।
इस जेट का मालिक कौन था?
यह विमान VSR Ventures Private Limited का था।
यह कंपनी-
प्राइवेट जेट चार्टर
एयर एम्बुलेंस
VIP मूवमेंट
जैसी सेवाएं देती है। मुख्यालय—नई दिल्ली।
हादसे की संभावित वजहें – AAIB रिपोर्ट क्या संकेत देती है
AAIB की यह प्राइमरी रिपोर्ट है। मतलब—अभी अंतिम निष्कर्ष नहीं आया है। लेकिन तीन बड़े संकेत मिले हैं—
1. कम विजिबिलिटी
रनवे साफ नहीं दिख रहा था।
2. रनवे की खराब स्थिति
फीकी मार्किंग और ढीली बजरी।
3. लैंडिंग के दौरान कंट्रोल खोना
CCTV में विमान का अचानक मुड़ना इसका संकेत है।
सबसे बड़ा सवाल – क्या यह हादसा टाला जा सकता था?
यही वह सवाल है जिसका जवाब हर कोई जानना चाहता है।
क्या—
लैंडिंग टालनी चाहिए थी?
क्या ATC को अनुमति नहीं देनी चाहिए थी?
क्या रनवे सुरक्षित नहीं था?
इन सवालों के जवाब अभी बाकी हैं।
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