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नई सहकारिता नीति, हर पंचायत में बनेंगी समितियां : अमित शाह ने पेश किया 2045 तक का विजन, 2 लाख PACS की स्थापना का लक्ष्य; किसान-गांव बनेंगे आत्मनिर्भर

News Affair Team

Thu, Jul 24, 2025

नई दिल्ली.

देश में सहकारिता को नई दिशा देने के लिए केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बुधवार को नई राष्ट्रीय सहकारिता नीति का ऐलान किया। इस नीति के तहत हर पंचायत स्तर पर सहकारी समितियां बनाई जाएंगी, जो 2045 तक के विजन के साथ देश के ग्रामीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

यह घोषणा नई दिल्ली के अटल अक्षय ऊर्जा भवन में अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के मौके पर राज्य सहकारिता मंत्रियों की बैठक में की गई।

हर गांव तक पहुंचेगी सहकारिता

अमित शाह ने बताया कि अगले 5 वर्षों में देश के हर गांव में सहकारी संस्थाएं स्थापित की जाएंगी। फरवरी 2026 तक 2 लाख प्राइमरी एग्रीकल्चरल क्रेडिट सोसाइटीज (PACS) बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। साथ ही, सभी राज्यों को 31 जनवरी 2026 तक अपनी राज्य सहकारिता नीति बनाने का निर्देश दिया गया है।

48 सदस्यों की कमेटी ने तैयार की रूपरेखा

इस नीति का ड्राफ्ट पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु की अध्यक्षता में गठित 48 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति ने तैयार किया।

  • अहमदाबाद, बेंगलुरु, गुरुग्राम और पटना में हुईं 17 बैठकें और 4 वर्कशॉप्स

  • 648 सुझावों को शामिल कर तैयार की गई आधुनिक, व्यावसायिक और डिजिटल युक्त नीति

किसानों को मिलेंगे 5 बड़े लाभ

  1. आर्थिक आजादी: किसान अब बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहेंगे। समितियां सीधे किसानों से उपज खरीदेंगी।

  2. स्थानीय व्यवस्थाएं: खाद-बीज, अनाज भंडारण और डेयरी जैसे काम पंचायत स्तर पर ही समितियों के जरिए होंगे।

  3. महिला और युवा भागीदारी: समितियों में महिलाओं और युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

  4. डिजिटल सहकारिता: सभी समितियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा।

  5. प्रशिक्षण और शिक्षा: ग्रामीण युवाओं को सहकारी प्रबंधन की ट्रेनिंग दी जाएगी।

क्यों ज़रूरी थी यह नीति?

2002 में आखिरी बार सहकारिता नीति बनाई गई थी, लेकिन दो दशक में देश की अर्थव्यवस्था, तकनीक और सामाजिक ढांचे में बड़ा बदलाव आ चुका है।

डिजिटल भारत की दिशा में सहकारिता को स्मार्ट और पारदर्शी बनाना जरूरी था। गांवों में बढ़ती रोजगार और संसाधनों की मांग को ध्यान में रखते हुए नीति में सुधार अनिवार्य हो गया था।

अमित शाह ने कहा कि, "नई सहकारिता नीति प्रधानमंत्री मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को जमीनी स्तर पर साकार करेगी। गांव अब आत्मनिर्भरता के मॉडल बनेंगे।"

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