ईरान परमाणु बम बनाने के बेहद करीब : IAEA की रिपोर्ट- फरवरी से मई के बीच यूरेनियम स्टॉक में 50% वृद्धि; ईरान ने रिपोर्ट को गलत बताया
News Affair Team
Mon, Jun 2, 2025
तेहरान/वियना.
संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था IAEA (इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी) ने एक गोपनीय रिपोर्ट में खुलासा किया है कि ईरान अब परमाणु हथियार बनाने के बेहद करीब पहुंच चुका है। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के पास 60% शुद्धता वाला 408.6 किलोग्राम यूरेनियम स्टॉक में है, जो हथियार बनाने के लिए जरूरी स्तर (90%) से सिर्फ एक कदम पीछे है।
IAEA ने बताया कि 17 मई 2025 तक 60% शुद्ध यूरेनियम की मात्रा फरवरी की तुलना में 50% ज्यादा हो गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, 60% शुद्धता वाला 42 किलो यूरेनियम यदि और शुद्ध किया जाए, तो उससे एक परमाणु बम तैयार किया जा सकता है। फिलहाल ईरान के पास कुल 9247.6 किलो समृद्ध यूरेनियम है, जो दुनिया के लिए गंभीर खतरे का संकेत है।
IAEA की चेतावनी और अमेरिका-ईरान वार्ता की पृष्ठभूमि
IAEA ने ईरान से पारदर्शिता बढ़ाने और जांच में सहयोग करने की अपील की है। यह रिपोर्ट ऐसे समय आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को फिर से बहाल करने की बातचीत चल रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है। ओमान के विदेश मंत्री हाल ही में तेहरान पहुंचे थे, जहां उन्होंने ईरान को अमेरिका का एक नया प्रस्ताव सौंपा – जिसमें परमाणु गतिविधियों को सीमित करने के बदले प्रतिबंधों में राहत का प्रस्ताव था।
इजराइल का आरोप: "ईरान पूरी तैयारी कर चुका है"
इजराइल ने IAEA की रिपोर्ट के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि ईरान को तुरंत रोका जाए। इजराइल का कहना है कि ईरान अब हथियार बनाने की क्षमता पूरी तरह हासिल कर चुका है और अगर वह ऐसा करता है तो वह दुनिया का 10वां परमाणु शक्ति संपन्न देश बन जाएगा।

ईरान का जवाब: "शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है हमारा कार्यक्रम"
ईरान ने IAEA की रिपोर्ट को "गलत, पक्षपातपूर्ण और राजनीतिक दबाव में तैयार" बताया। ईरान के विदेश मंत्रालय और परमाणु ऊर्जा संगठन ने कहा कि उनका परमाणु कार्यक्रम "इस्लामिक सिद्धांतों और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत पूरी तरह शांतिपूर्ण" है। ईरान ने सर्वोच्च नेता खामेनेई के उस फतवे का भी हवाला दिया जिसमें परमाणु हथियार इस्लाम के खिलाफ बताए गए हैं।
IAEA को कहां-कहां पर संदेह है?
IAEA ने यह भी खुलासा किया है कि ईरान ने तीन प्रमुख स्थानों पर सहयोग नहीं किया, जहां यूरेनियम के बिना घोषणा के अंश पाए गए।
ये साइटें हैं:
तुर्कुजाबाद
वरामिन
मरीवान
चौथी साइट लाविसान-शियान को ईरान ने 2003 के बाद पूरी तरह ध्वस्त कर दिया था और IAEA को वहां जांच की अनुमति नहीं दी गई।
विश्व पर असर: परमाणु हथियारों की वैश्विक होड़
स्वीडन स्थित थिंक टैंक SIPRI (स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट) की 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में अभी 3904 परमाणु हथियार तैनात हैं। इनमें से 90% हथियार केवल रूस और अमेरिका के पास हैं। भारत, पाकिस्तान और उत्तर कोरिया भी अपनी बैलिस्टिक मिसाइलों पर परमाणु वॉरहेड तैनात करने की दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं।
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