छत्तीसगढ़ की पहली महिला खुली जेल शुरू : रायपुर में 25 बंदिनियां दिन में करेंगी काम; शाम को लौटेंगी जेल
News Affair Team
Sat, Sep 26, 2026
रायपुर.
छत्तीसगढ़ में महिला बंदिनियों के पुनर्वास और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में नई पहल शुरू हुई है। केंद्रीय जेल रायपुर में प्रदेश की पहली महिला ओपन करेक्शनल इंस्टीट्यूशन (वीमेन ओसीआई) का शुभारंभ किया गया। डीजी जेल हिमांशु गुप्ता ने इसका उद्घाटन किया।
इस खुली जेल में फिलहाल 25 महिला बंदिनियों को रखा जाएगा। यहां रहने वाली बंदिनियां दिन के समय निर्धारित कार्यों के लिए जेल परिसर से बाहर जा सकेंगी और शाम को लॉकअप से पहले वापस लौटेंगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य बंदिनियों को जिम्मेदारी के साथ काम करने का अवसर देने के साथ उनके पुनर्वास की प्रक्रिया को मजबूत करना है।
सिलाई सेंटर और ब्यूटी पार्लर में मिलेगा काम
महिला बंदिनियों के लिए जेल परिसर के बाहर मंदिर के पास उपलब्ध स्थान पर सिलाई सेंटर, ब्यूटी पार्लर और जेल उत्पादों की बिक्री केंद्र संचालित किए जाएंगे। इनके माध्यम से उन्हें रोजगार से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा उनकी क्षमता और रुचि के अनुसार रोजगार के अन्य विकल्प भी उपलब्ध कराने की व्यवस्था रहेगी।
रायपुर जेल की मौजूदा अधोसंरचना का उपयोग
प्रदेश में पहली बार शुरू की गई इस महिला खुली जेल के लिए केंद्रीय जेल रायपुर में उपलब्ध अधोसंरचना का उपयोग किया गया है। पारंपरिक जेल व्यवस्था से अलग यहां बंदिनियों को नियंत्रित वातावरण में काम करने और अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का अवसर मिलेगा। उद्घाटन के दौरान जेल अधीक्षक योगेश सिंह क्षत्री, महिला ओपन जेल प्रभारी खुशबू मिश्रा सहित जेल विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
पुनर्वास पर फोकस
महिला ओसीआई की व्यवस्था में बंदिनियों को जेल की चारदीवारी के भीतर सीमित रखने के बजाय उन्हें कामकाज और जिम्मेदारी से जोड़ने पर जोर दिया गया है। दिन में रोजगार और शाम को निर्धारित समय पर जेल में वापसी की व्यवस्था के जरिए सुधार और पुनर्वास को व्यावहारिक रूप देने की पहल की गई है।
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