अंबेडकर अस्पताल में मेन्यू के नाम पर धोखा : रायपुर में मरीजों को नहीं मिल रहा बीमारी के हिसाब से भोजन, ड्राईफ्रूट-फल भी नदारद
News Affair Team
Fri, May 30, 2025
रायपुर.
अंबेडकर अस्पताल में मरीजों के लिए निर्धारित पोषणयुक्त विशेष आहार व्यवस्था सिर्फ कागजों में रह गई है। अस्पताल प्रबंधन की अनदेखी और टेंडर एजेंसी की लापरवाही के कारण मरीजों को उनकी बीमारी के अनुसार जरूरी भोजन नहीं दिया जा रहा। प्रसूताओं की थाली से ड्रायफ्रूट्स जैसे काजू-बादाम, किशमिश गायब हैं, जबकि दिल के मरीजों को भी सामान्य तेल-मसालेदार खाना परोसा जा रहा है।
अस्पताल के शिशु, प्रसूता, अस्थि रोग, कार्डियोलॉजी और सर्जरी वार्ड में मरीजों को परोसे जा रहे भोजन की जांच की। जांच में पाया गया कि सभी वार्डों में एक जैसी थाली परोसी जा रही है, जिसमें न तो बीमारी के अनुसार भोजन का विभाजन है और न ही आवश्यक पौष्टिकता। प्रसूताओं को दिए जाने वाले ड्रायफ्रूट्स, सलाद और फल पूरी तरह नदारद हैं।
अभी मिल रहा | ये मिलना चाहिए |
|---|---|
कॉडियोलॉजी में- पोहा, दूध, फल, चाय, मुर्य, चावल, अरहर दाल, 2 रोटी, दो सब्जी, उबला अंडा। | कॉडियोलॉजी में- दलिया, दूध, फल। चाय, मुर्ग, फल, बेसन लड्डू। चावल, मसूर दाल, 3 रोटी, 2 सब्जी, उक्ला अंडा। |
प्रसूता वार्ड- नाश्ते में 2 इडली, दूध-फल मिला। खाने में 2 रोटी, भाटे पनीर सब्जी, सलाद, चावल, दाल। | प्रसूता वार्ड- पोहा, 3 इडली, दूध, टोस्ट, लहु, फल, अंडा, अंकुरित मूंग, ड्राईपुट, गुड़, चिक्की। रोटी, चावल, दाल, पनीर या मशरुम की सब्जी। |
अस्थि रोग वार्ड- सुबह पोहा, दूध, फल, शाम को चाय, मुर्रा, खाने में चावल, अरहर दाल, 2 रोटी, दो सब्जी, उबला अंडा। | अस्थि रोग वार्ड- सुबह दलिया, दूध, फल। शाम को चाय, मुर्रा, फल, बेसन लड्डू। खाने में चावल, मसूर दाल, 3 रोटी, 2 सब्जी, उबला अंडा मिलना चाहिए। |
शिशु वार्ड- सुबह पोहा, दूध, फल। शाम को चाय-मुर्रा। खाने में चावल, राहर दाल, 2 रोटी, दो सब्जी, उक्ला अंडा। | शिशु वार्ड- सुबह दलिया, दूध, फल। शाम को चाय, बिस्कुट, फल, बेसन लड्डू। खाने में चावल, मसूर दाल, 3 रोटी, 2 सब्जी, उबला अंडा मिलना चाहिए। |
हार्ट और कुपोषण मरीजों के लिए एक ही थाली?
कार्डियोलॉजी और कुपोषण वार्ड में एक ही तरह की थाली मरीजों को दी जा रही है। जबकि हार्ट के मरीजों को कम नमक, कम तेल, कम मसाले वाला हल्का भोजन आवश्यक होता है और कुपोषण मरीजों को ऊर्जा से भरपूर, हाई प्रोटीन डायट। यह स्पष्ट रूप से टेंडर शर्तों का उल्लंघन है।
टेंडर की शर्तों में स्पष्ट निर्देश, फिर भी नहीं हो रहा पालन
अस्पताल को जो टेंडर एजेंसी भोजन उपलब्ध करा रही है, उसे टेंडर की शर्तों के अनुसार हर रोगी को बीमारी के अनुसार अलग-अलग मेन्यू के तहत भोजन देना था। साथ ही प्रसूताओं और कमजोर मरीजों को विशेष रूप से ड्रायफ्रूट्स, फल, सलाद और उच्च पोषणयुक्त आहार देना अनिवार्य था।
डायटीशियन नियुक्त, पर कोई निगरानी नहीं
अस्पताल में इस पूरे पोषण प्रबंधन की निगरानी के लिए डायटीशियन की नियुक्ति की गई है, लेकिन वास्तविकता यह है कि कोई निगरानी नहीं की जा रही। भोजन की गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था पूरी तरह एजेंसी के भरोसे छोड़ दी गई है।
प्रबंधन की चुप्पी पर उठे सवाल
मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इतनी शिकायतों के बावजूद अस्पताल प्रबंधन पूरी तरह चुप है। न तो एजेंसी पर कोई कार्रवाई हुई है और न ही भोजन व्यवस्था को दुरुस्त करने के प्रयास नजर आए हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या अस्पताल प्रशासन की मिलीभगत भी इस अनियमितता में शामिल है?
हर माह औसतन 40 लाख हो रहे खर्च
अंबेडकर अस्पताल में मरीजों के भोजन पर हर माह औसतन 40 लाख खर्च किए जा रहे हैं। सामान्य मरीजों के भोजन के लिए 150 रुपए तय हैं। इसमें दो टाइम भोजन के अलावा सुबह का नाश्ता भी शामिल है। गर्भवती महिलाओं के भोजन पर 200 रुपए खर्च किए जा रहे हैं। इसमें सुबह और शाम के भोजन के अलावा नाश्ता भी शामिल है।
अस्पताल अधीक्षक संतोष सोनकर ने कहा - ठेका फर्म पर जुर्माना लगाया जाएगा। डॉक्टर जैसा सजेस्ट करते हैं, वैसा भोजन देते हैं। प्रसूता की थाली में खाने की गड़बड़ी गलत है। हो सकता है गलती से दूसरी थाली दे दी होगी। डटिशियन रोजाना चेक कर घाली भिजवाते हैं। मैं खुद चेक करता हूं।
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