Advertisment

News Affair में आपका हार्दिक स्वागत है — आपकी अपनी हिंदी न्यूज़ पोर्टल, जहाँ हर खबर मिलती है सही, सटीक और सबसे पहले।

हमारे साथ जुड़िए देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों, राजनीति, खेल, मनोरंजन, व्यापार और तकनीक की हर बड़ी अपडेट के लिए। हम हैं आपकी आवाज़, आपके सवाल और आपकी जिज्ञासा के साथ — निष्पक्ष, निर्भीक और नई सोच के साथ।

27th September 2026

ब्रेकिंग

CM साय ने किया लोकार्पण-शिलान्यास; ट्रॉमा सेंटर और इको टूरिज्म सेंटर की घोषणा

SIR विवाद के बीच तीनों चुनाव आयुक्तों की बैठक; 30 राज्यों/UT की ड्राफ्ट लिस्ट से 13.37 करोड़ नाम हटे

सरकार नियम बनाए; ऑस्ट्रेलिया में OpenAI एजेंट ने सरकारी पोर्टल में घुसपैठ की

गंगा घाटों पर तर्पण-पिंडदान के लिए जुटेंगे श्रद्धालु; हरिद्वार में नारायणी शिला पर बढ़ेगी भीड़

गुरु कृपा कुंज की चौथी मंजिल से गिरा; कमरे में खून लगा ग्राइंडर मिला

छत्तीसगढ़ में बारिश से बाढ़ जैसे हालात : महादेवघाट पुल के 2 फीट ऊपर पानी, 120 परिवार रेस्क्यू; गंगरेल के 14 गेट खुले, 2 बच्चे समेत 3 लापता

News Affair Team

Sat, Sep 26, 2026

रायपुर.

छत्तीसगढ़ में करीब 36 घंटे की लगातार बारिश के बाद शनिवार को बारिश का जोर कुछ कम हुआ, लेकिन कई जिलों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। रायपुर में खारून नदी उफान पर है और महादेवघाट पुल के करीब 2 फीट ऊपर से पानी बह रहा है।

घाट के आसपास रहने वाले करीब 120 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। हालात को देखते हुए महादेवघाट में अगली सूचना तक मूर्ति विसर्जन पर रोक लगा दी गई है। लगातार बारिश से रायपुर समेत कई जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं।

दक्षिण छत्तीसगढ़ में इसका असर सबसे ज्यादा दिखाई दे रहा है। जगदलपुर के कई इलाकों में घरों में पानी घुस गया है, जबकि NH-30 और NH-63 के कई हिस्सों में आवागमन प्रभावित हुआ है। दूसरी ओर धमतरी में बाढ़ के पानी में कार बहने से दो लोगों ने किसी तरह अपनी जान बचाई। राज्य में स्कूलों में भी अवकाश घोषित किया गया है।

महादेवघाट के आसपास 120 परिवारों का रेस्क्यू

खारून नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद महादेवघाट और आसपास के निचले इलाकों में पानी तेजी से पहुंचा। डिपरापारा में करीब 20 और शक्तिघाट में करीब 50 परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। चंदनडीह के श्रीलंका नगर में भी करीब 50 परिवार जलभराव में फंस गए थे, जिन्हें NDRF की टीम ने रेस्क्यू किया।

प्रशासन और पुलिस की टीमें नदी किनारे लगातार मुनादी कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील कर रही हैं। इसके बावजूद कुछ लोग बाढ़ का नजारा देखने नदी के पास पहुंच रहे हैं। प्रशासन ने लोगों को ऐसे स्थानों से दूर रहने की चेतावनी दी है। महादेवघाट के पास दुकान चलाने वाले शैलेंद्र गुप्ता ने बताया कि पानी में उनकी दुकान का सामान बह गया। उन्होंने नुकसान की बात कही है।

अरपा नदी में गणेश विसर्जन के दौरान 2 बच्चे बहे

बिलासपुर की अरपा नदी में गणेश विसर्जन के दौरान दो बच्चों के बहने की सूचना है। उनकी तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है।

रायपुर में भी तेज बारिश के बीच डूमरतालाब के पास नाले में गिरने से एक बच्चे की मौत हो गई। परिजन बच्चे को पानी दिखाने ले गए थे। इसी दौरान वह नाले के तेज बहाव में गिर गया। करीब एक घंटे की तलाश के बाद उसका शव बरामद किया गया।

धमतरी में कार बह गई, दो लोगों ने कांच तोड़कर बचाई जान

धमतरी जिले में पानी से भरे पुल को पार करते समय एक कार तेज बहाव में बह गई। कार में सवार दो लोगों ने शीशा तोड़कर बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। जिले में बारिश से जुड़े दूसरे हादसों में 15 वर्षीय हिमांशु कुमार की मौत हो गई। वह शुक्रवार को गणेश विसर्जन के दौरान तालाब में डूब गया था। शनिवार को गोताखोरों ने उसका शव बरामद किया।

वहीं मेघा गांव की 15 वर्षीय तारनी निषाद नाले के तेज बहाव में बह गईं। वह बाढ़ का पानी देखने गई थीं। SDRF उनकी तलाश कर रही है। सिहावा क्षेत्र के 65 वर्षीय रिटायर्ड वनकर्मी बाबूलाल साहू भी लापता हैं। उनका मोबाइल, शॉल, डंडा और टॉवेल नदी किनारे मिले हैं। पुलिस और SDRF की टीमें तलाश में जुटी हैं।

गंगरेल के सभी 14 गेट खुले, 12 गांवों में अलर्ट

गंगरेल बांध के सभी 14 गेट खोलकर महानदी में पानी छोड़ा जा रहा है। इसके बाद नदी किनारे के गांवों में अलर्ट बढ़ा दिया गया है। अमेठी समेत कई गांवों में पानी पहुंचने के बाद 5 परिवारों के 25 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। मलपुरी, मोहान, रीवडीह, बम्हनी, चरोदा और अमेठी समेत 12 गांवों को अलर्ट पर रखा गया है। राहत और बचाव दल तैनात किए गए हैं।

बस्तर में सड़कें डूबीं, राहत शिविरों में 100 से ज्यादा लोग

जगदलपुर के चिवनी, भाटी और लालबाग इलाकों में बाढ़ से घरों में रखा राशन और अन्य सामान बह गया। प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। भगत सिंह स्कूल में बनाए गए राहत शिविर में 100 से ज्यादा लोगों को ठहराया गया है।पारागांव में पंचायत भवन में करीब 250 लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है।

इंद्रावती नदी का जलस्तर बढ़ने से बारसूर स्थित CRPF की 195वीं बटालियन के हेडक्वार्टर में भी पानी घुस गया। जवानों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है और मौके पर SDRF की टीम तैनात है।

NH-63 पर बैकवॉटर से रास्ता बंद

जगदलपुर-बीजापुर NH-63 पर नेलसनार के पास इंद्रावती नदी का बैकवॉटर सड़क तक पहुंच गया है। इससे जगदलपुर से बीजापुर के बीच आवागमन प्रभावित हुआ है। जगदलपुर से नेलसनार का रास्ता शनिवार को खोल दिया गया, लेकिन नेलसनार से बीजापुर मार्ग अभी बंद बताया गया है।

बारिश के कारण रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है। दुर्ग-दल्लीराजहरा सेक्शन में लाटाबोर-गुंडरदेही के बीच ट्रैक पर जलभराव और धंसने की स्थिति के चलते कई ट्रेनों को रद्द या आंशिक रूप से रद्द किया गया है।

बलौदाबाजार में 14 पुल-पुलिया बंद, 120 लोगों का रेस्क्यू

बलौदाबाजार जिले में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने के बाद 14 पुल-पुलियों पर आवागमन बंद किया गया है। अमेठी घाट में पुल से करीब 12 फीट ऊपर पानी बह रहा है। टेमरी और छेरकाडीह नाले में भी पानी पुल के ऊपर पहुंच गया है।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में करीब 150 लोगों के फंसे होने की सूचना थी। इनमें बल्दाकछार, अमेठी, मोहान, बिजराडीह और गणेशपुर के लोग शामिल हैं। डीपापारा, अमेठी और गणेशपुर समेत 120 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है।

दुर्ग में 100 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू

दुर्ग जिले में शिवनाथ नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद कुम्हारी के परसदा स्थित जगदीश बाड़ी में पानी पहुंच गया। नगर सेना और SDRF ने रातभर अभियान चलाकर करीब 50-55 लोगों को सुरक्षित निकाला।

इसके बाद सुबह एक अन्य अभियान में करीब 60 लोगों को राहत स्थल पहुंचाया गया। इनमें बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे शामिल थे। राजनांदगांव के चार बैराजों से शिवनाथ नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। तांदुला और खरखरा डैम के ओवरफ्लो होने से निचले इलाकों में भी खतरा बढ़ा है।

बारिश के बीच स्कूल बंद, मौसम विभाग का अलर्ट

लगातार बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है। आकाशवाणी ने भी 26 सितंबर को राज्य में स्कूल बंद रहने की जानकारी दी है।

मौसम विभाग के अनुसार 26 सितंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश जारी रहने और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना थी। 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा और गरज-चमक की स्थिति भी बन सकती है।

दक्षिण छत्तीसगढ़ में सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर और कोंडागांव समेत कई जिलों में बारिश का असर ज्यादा रहा। मध्य छत्तीसगढ़ में रायपुर, धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद और आसपास के जिलों में भी जलभराव और नदी-नालों के बढ़े जलस्तर से परेशानी हुई।

प्रदेश में सामान्य से 6% ज्यादा बारिश

26 सितंबर तक के आंकड़ों के मुताबिक इस मानसून सीजन में छत्तीसगढ़ में सामान्य से करीब 6% अधिक बारिश दर्ज की गई है। आपके उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 26 सितंबर तक 1190.7 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य बारिश 1128.2 मिमी होती है।

जिलावार आंकड़ों में बलरामपुर में सामान्य से 57%, नारायणपुर में 41%, गरियाबंद में 38%, मुंगेली में 33% और रायपुर में 31% अधिक बारिश दर्ज की गई। दूसरी ओर सूरजपुर में सामान्य से 40%, बेमेतरा में 35% और जशपुर में 35% कम बारिश हुई।

यह खबर भी पढ़ें... बस्तर में बाढ़ का रेस्क्यू ऑपरेशन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन