स्कूल के पूर्व प्रिंसिपल ने बनाया चोरों का गैंग : कृषि अधिकारी बनकर करते थे रेकी, 10 चोरियां कबूलीं; क्रेटा-बुलेट समेत ₹20 लाख का माल जब्त
News Affair Team
Mon, Oct 12, 2026
बिलासपुर.
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में चोरी का ऐसा गिरोह पकड़ा गया है, जिसमें एक आरोपी पहले स्कूल में प्रिंसिपल रह चुका है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य खुद को कृषि अधिकारी बताकर गांवों में सर्वे करने के बहाने घूमते थे। इस दौरान सूने मकानों की पहचान कर दिनदहाड़े ताला तोड़ते और जेवर-कैश लेकर फरार हो जाते थे।
कोटा पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने गिरोह के कथित मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बिलासपुर जिले की 9 और कोरबा जिले की 1 चोरी सहित कुल 10 मामलों का खुलासा किया है। आरोपियों के कब्जे से सोने-चांदी के आभूषण, 1.30 लाख रुपए नकद, क्रेटा कार, बुलेट और बाइक समेत करीब 20 लाख रुपए का सामान जब्त किया गया है।

जूते की दुकान चलाता था मास्टरमाइंड, दूसरा आरोपी रह चुका प्रिंसिपल
एडिशनल एसपी ग्रामीण मधुलिका सिंह के मुताबिक, गिरोह का मास्टरमाइंड विनोद कुमार वासुदेव (33) है। वह ग्रेजुएट है और सामान्य कारोबारी की तरह दिखने के लिए जूते की दुकान चलाता था।
दूसरा आरोपी भूपेंद्र सिंह राठौर उर्फ गुरुजी (43) पोस्ट-ग्रेजुएट है। वह पहले एक स्कूल में प्रिंसिपल के पद पर काम कर चुका है। पुलिस के अनुसार, नौकरी से निकाले जाने के बाद वह चोरी की वारदातों में शामिल हो गया। तीसरा आरोपी राज प्रजापति उर्फ लल्लू (19) है। तीनों आरोपी कोरबा जिले के मानिकपुर क्षेत्र के डिपरापारा के रहने वाले हैं।
खेती के समय घर खाली होने का उठाते थे फायदा
पुलिस के अनुसार, आरोपी बाइक से गांवों में घूमते और सामान्य लोगों की तरह व्यवहार करते थे, ताकि किसी को उन पर शक न हो। कृषि अधिकारी बनकर सर्वे करने की बात कहने के दौरान वे ऐसे मकानों पर नजर रखते थे, जहां ताला लगा हो या घर के लोग बाहर गए हों।
ग्रामीण इलाकों में खेती-किसानी के काम से लोगों के घर से बाहर रहने का समय उनके लिए वारदात का मौका बनता था। मकान सुनसान मिलने पर आरोपी ताला तोड़कर भीतर घुसते और पेटी-अलमारी में रखे जेवर तथा नकदी समेटकर निकल जाते थे।
CCTV से बचने के लिए ढकते थे चेहरा
वारदात के दौरान आरोपी हेलमेट पहनते और चेहरा ढककर रखते थे, ताकि CCTV कैमरों में उनकी पहचान न हो सके। पुलिस ने चोरी की घटनाओं के फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की। पूछताछ के दौरान तीनों आरोपियों की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया। जांच में यह भी पता चला कि चोरी की रकम से वाहन खरीदे गए थे।

चोरी के पैसों से खरीदी क्रेटा और बुलेट
पुलिस के मुताबिक, विनोद ने चोरी की रकम से क्रेटा कार खरीदी थी और उसकी किस्तें चुकाने में भी उसी पैसे का इस्तेमाल किया। वहीं, राज प्रजापति ने चोरी के पैसों से अपने चाचा के नाम पर बुलेट खरीदी थी।
आरोपियों के कब्जे से सोने-चांदी के आभूषण, 1.30 लाख रुपए नकद और गुल्लक से चुराए गए 1,250 रुपए के सिक्के भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने क्रेटा कार, बुलेट और एक बाइक सहित करीब 20 लाख रुपए का सामान जब्त किया है।
कोटा से बेलगहना तक कई इलाकों में की वारदातें
जांच में बिलासपुर जिले के कोटा, रतनपुर, बिल्हा, पचपेड़ी और बेलगहना चौकी क्षेत्र सहित ग्रामीण इलाकों में हुई चोरी की घटनाओं में आरोपियों की भूमिका सामने आई है। इसके अलावा कोरबा जिले के पाली थाना क्षेत्र का एक मामला भी सुलझाया गया है।
एएसपी मधुलिका सिंह के अनुसार, तीनों आरोपी पहले भी जांजगीर जिले में दिनदहाड़े चोरी के मामलों में जेल जा चुके हैं। उनके खिलाफ वर्ष 2022-23 में दर्ज 19 प्रकरणों का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है।
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