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21st April 2026

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PM मोदी–पिचाई मीटिंग : AI पर ‘दिल्ली दरबार’ में बड़ी डील; 2 करोड़ कर्मचारियों की ट्रेनिंग से 70,000 करोड़ की केबल तक

News Affair Team

Wed, Feb 18, 2026

नईदिल्ली.

18 फरवरी की सुबह दिल्ली में टेक और पॉलिटिक्स का ‘पावर ब्रेकफास्ट’ हुआ। Sundar Pichai ने प्रधानमंत्री Narendra Modi से मुलाकात की। तस्वीरें आईं, ट्वीट आए, और फिर शुरू हुआ कयासों का सिलसिला—AI में भारत की लीडरशिप, युवाओं के लिए नए मौके, और गूगल के बड़े-बड़े प्लान।

पीएम ने कहा—भारत में AI के काम और गूगल कैसे युवाओं के साथ मिलकर इसे स्केल कर सकता है, इस पर विस्तार से चर्चा हुई। इधर पिचाई समिट के लिए आए हैं, उधर दिल्ली के गलियारों में टेक-डिप्लोमेसी की चहल-पहल है।

समिट का सीन क्या है?

पिचाई ‘Global AI Impact Summit 2026’ में हिस्सा लेने आए हैं। 20 फरवरी को उनका की-नोट एड्रेस है। इससे पहले 16 फरवरी को पीएम मोदी ने ‘India AI Impact Summit 2026’ का उद्घाटन किया। जगह—Bharat Mandapam, नई दिल्ली।

समिट की थीम है—‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’। मतलब AI सिर्फ मुनाफे का खेल नहीं, इंसान और समाज के लिए हो। 110+ देश, 30 अंतरराष्ट्रीय संगठन, 20 के करीब राष्ट्राध्यक्ष और 45+ मंत्री—कुल मिलाकर टेक का कुंभ।

पीएम–पिचाई मीटिंग के बाद क्या निकला?

मीटिंग के बाद पिचाई मीडिया रिसेप्शन में पहुंचे और पाँच बड़े ऐलान कर गए। चलिए एक-एक करके समझते हैं:

1) ₹70,000 करोड़ की ‘समुद्री’ इंटरनेट केबल

भारत और अमेरिका के बीच समुद्र के नीचे सीधी इंटरनेट केबल बिछाने की तैयारी। दावा—AI और डेटा की स्पीड कई गुना बढ़ेगी। आसान भाषा में कहें तो क्लाउड, स्टार्टअप्स और रिसर्च के लिए हाईवे तैयार।

2) 2 करोड़ कर्मचारियों को AI ट्रेनिंग

‘कर्मयोगी भारत’ मिशन के तहत 800 जिलों में 18 भाषाओं में ट्रेनिंग। टारगेट—सरकारी सिस्टम में AI का स्मार्ट इस्तेमाल। अगर यह जमीन पर उतरा तो फाइलों की रफ्तार बदल सकती है।

3) ‘सर्च लाइट’—बोलो या फोटो खींचो, जवाब पाओ

जल्द ही यूजर्स कैमरा और आवाज से रियल-टाइम में अपनी भाषा में सर्च कर सकेंगे। मतलब—लोकल लैंग्वेज में टेक का असली लोकतंत्रीकरण।

4) 1.1 करोड़ छात्रों के लिए कोडिंग–रोबोटिक्स

10,000 स्कूलों में कोडिंग और रोबोटिक्स। साथ ही हिंदी–अंग्रेजी में ‘AI सर्टिफिकेट प्रोग्राम’। स्किलिंग की रेस में बड़ा कदम।

5) विज्ञान के लिए ₹250 करोड़

बीमारियों के इलाज और सटीक मौसम पूर्वानुमान के लिए $30 मिलियन का ग्लोबल रिसर्च फंड। यानी AI सिर्फ चैटबॉट नहीं, हेल्थ और क्लाइमेट में भी एंट्री।

स्पेन–फिनलैंड के साथ क्या बात बनी?

समिट के इतर पीएम ने फिनलैंड और स्पेन के नेताओं से अलग-अलग मुलाकात की।

🇫🇮 फिनलैंड

प्रधानमंत्री Petteri Orpo से बातचीत में लक्ष्य—द्विपक्षीय व्यापार दोगुना। फोकस सेक्टर: 6G, क्लीन एनर्जी, बायोफ्यूल, सर्कुलर इकोनॉमी। टेक+ग्रीन का कॉम्बो।

🇪🇸 स्पेन

राष्ट्रपति Pedro Sánchez के साथ 2026 को भारत–स्पेन ‘संस्कृति, पर्यटन और AI वर्ष’ के रूप में मनाने पर सहमति। रक्षा, सुरक्षा और टेक्नोलॉजी में रिश्ते और मजबूत करने की बात।

समिट का विजन: तीन ‘P’ का फॉर्मूला

‘India AI Impact Summit 2026’ तीन स्तंभों पर टिका है—People, Planet, Progress।

  • People: ह्यूमन-सेंट्रिक AI—अधिकारों की रक्षा के साथ टेक्नोलॉजी।

  • Planet: पर्यावरण के अनुकूल, टिकाऊ AI।

  • Progress: समावेशी आर्थिक–तकनीकी प्रगति, ताकि फायदा आखिरी व्यक्ति तक पहुंचे।

सरकार का मैसेज साफ—AI सिर्फ सिलिकॉन वैली की चीज नहीं, गांव-खेती-स्कूल-हॉस्पिटल तक पहुंचे।

असल सवाल: क्या बदलेगा?

  1. रोजगार: 2 करोड़ कर्मचारियों की ट्रेनिंग और 1.1 करोड़ छात्रों की स्किलिंग—अगर सही इम्प्लीमेंटेशन हुआ तो जॉब-मार्केट में बड़ा शिफ्ट।

  2. लोकल लैंग्वेज इंटरनेट: ‘सर्च लाइट’ से भाषाई बाधाएं टूट सकती हैं। भारत जैसे बहुभाषी देश में यह गेम-चेंजर।

  3. इन्फ्रास्ट्रक्चर: 70,000 करोड़ की केबल—डेटा स्पीड और क्लाउड कैपेसिटी बढ़ी तो स्टार्टअप इकोसिस्टम को बूस्ट।

  4. हेल्थ–क्लाइमेट: रिसर्च फंड से प्रेडिक्टिव हेल्थ और वेदर मॉडलिंग में सुधार संभव।

लेकिन… ‘लेकिन’ जरूरी है।

  • क्या ट्रेनिंग जमीनी स्तर तक पहुंचेगी या कागजों में रह जाएगी?

  • लोकल लैंग्वेज टूल्स कितने सटीक होंगे?

  • डेटा प्राइवेसी और रेगुलेशन पर क्या रोडमैप है?

पीएम मोदी का टेक-डिप्लोमेसी कार्ड

पीएम मोदी ने उद्घाटन के बाद स्टार्टअप पवेलियंस का दौरा किया। संदेश—भारत AI का ‘यूजर’ नहीं, ‘लीडर’ बनना चाहता है।

‘सर्वजन हिताय’ की थीम के साथ भारत ग्लोबल साउथ की आवाज बनने की कोशिश में है—AI के नैतिक सिद्धांत, डेटा संप्रभुता और समावेशी विकास पर जोर।

आगे क्या?

20 फरवरी को पिचाई का की-नोट एड्रेस—नजरें उसी पर। क्या वह भारत के लिए और बड़े निवेश का ऐलान करेंगे? क्या गूगल–भारत साझेदारी किसी नए मॉडल की शुरुआत है?

फिलहाल तस्वीर साफ है—दिल्ली में AI का महाकुंभ लगा है, और मोदी–पिचाई मीटिंग उसकी सबसे हाई-प्रोफाइल झलक।

टेक की दुनिया में भारत अब ‘मार्केट’ से आगे बढ़कर ‘माइंडसेट’ बदलने की बात कर रहा है। सवाल यही है—क्या ये ऐलान अगले कुछ साल में आम लोगों की जिंदगी में दिखेंगे?

लल्लनटॉप अंदाज में कहें तो—
“भाई, AI आ रहा है… पर असली टेस्ट होगा कि ये आपकी-हमारी भाषा में, हमारी-आपकी जिंदगी में कितना उतरता है।”

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