क्वारैंटाइन सेंटर में भूत / रात के अंधेरे में पायल की आवाज सुनाई देती है, दीवारों पर मिलते हैं पैरों के निशान, श्रमिक बोले- यहां हम नहीं रहेंगे

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छत्तीसगढ़ के क्वारैंटाइन सेंटर में अक्सर खाना खराब, रहने की दिक्कत और लापरवाही से मौत की शिकायतें सामने आई हैं। वहीं बलौदाबाजार के एक क्वारैंटाइन सेंटर में अब भूतों के चर्चे हैं। क्वारैंटाइन सेंटर में ठहरे प्रवासी मजदूरों को कहना है कि वहां भूत का साया है।
  • कसडोल के सेल गांव में उच्चतर माध्यमिक स्कूल को बनाया गया है क्वारैंटाइन सेंटर
  • 22 मजदूरों को रखा गया था, शिकायत के बाद मिडिल स्कूल में किया गया शिफ्ट

बलौदाबाजार. छत्तीसगढ़ के क्वारैंटाइन सेंटर में अक्सर खाना खराब, रहने की दिक्कत और लापरवाही से मौत की शिकायतें सामने आई हैं। वहीं बलौदाबाजार के एक क्वारैंटाइन सेंटर में अब भूतों के चर्चा है। क्वारैंटाइन सेंटर में ठहरे प्रवासी मजदूरों को कहना है कि वहां भूत का साया है। रात होते ही पायल की आवाज सुनाई देती है। दीवारों पर पैरों के निशान भी मिले हैं। ऐसे में श्रमिकों ने सेंटर में रहने से मना कर दिया है। इसके बाद श्रमिकों को वहां से शिफ्ट कर दिया गया।

रात भर डरकर नहीं साेते श्रमिक
दरअसल, कसडोल के सेल गांव स्थित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को क्वारैंटाइन सेंटर बनाया गया है। इस सेंटर में 22 श्रमिक रुके हुए थे। मजदूरों का दावा है कि यहां भूत रहते है। रात को सेंटर में पायल की आवाज आती है, लेकिन पूछने पर कोई जवाब नहीं देता है। ऐसा रात 11 बजे से 2 बजे तक चलता है। इस दौरान डरकर कोई भी सो नहीं पाता। सुबह जब उठकर देखते हैं तो दीवारों पर पैरों के निशान मिलते हैं। शनिवार और रविवार को भी ऐसा ही हुआ।

सरपंच से की गई शिकायत, बैगा से कराएंगे झाड़-फूंक
श्रमिकों ने इसको लेकर गांव के सरपंच और अन्य लोगों से शिकायत की। इसके बाद सोमवार को श्रमिकों को मिडिल स्कूल में शिफ्ट कर दिया गया है। वहीं सरपंच प्रहलाद जायसवाल ने बताया कि शिकायत के बाद स्कूल के चेक किया गया है, लेकिन इस तरह की कोई बात नहीं दिखाई दी है। उनका कहना है कि मजदूरों ने शिकायत की है। अब झाड़-फूंक कराएंगे, इसके लिए बैगा को बुला रहे हैं। मजदूरों को दूसरी जगह शिफ्ट करा दिया गया है।

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