छत्तीसगढ़ में मादा हाथियों की मौत/ बलरामपुर के डीएफओ प्रणय मिश्रा हटाए गए, कारण बताओ नोटिस दिया गया; एसडीओ और रेंजर सस्पेंड

छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में तीन दिन के दौरान तीन मादा हाथियों की मौत के मामले में अफसरों पर कार्रवाई शुरू हो गई है। शनिवार देर शाम सरकार ने बलरामपुर डीएफओ प्रणय मिश्रा को हटा दिया है। जबकि एसडीओ केएस खुटिया और रेंजर अनिल सिंह को सस्पेंड कर दिया है।
  • वनमंत्री मोहम्मद अकबर के निर्देश के बाद पीसीसीएफ ने की कार्रवाई, लक्ष्मण सिंह नए डीएफओ
  • राजपुर रेंज में 6 जून को हुई थी मादा थी की मौत, वन विभाग को इसका पता 11 जून को चला

रायपुर. छत्तीसगढ़ में तीन दिन के दौरान तीन मादा हाथियों की मौत के मामले में अफसरों पर कार्रवाई शुरू हो गई है। शनिवार देर शाम सरकार ने बलरामपुर डीएफओ प्रणय मिश्रा को हटा दिया है। साथ ही उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब देने को कहा गया है। उनकी जगह पर आईएफएस लक्ष्मण सिंह को नई जिम्मेदारी दी गई है। जबकि एसडीओ केएस खुटिया और रेंजर अनिल सिंह को सस्पेंड कर दिया है।

5 दिन तक हथिनी की मौत का पता नहीं चला
वनमंत्री मोहम्मद अकबर के निर्देश के बाद कार्रवाई की गई है। पीसीसीएफ (प्रधान मुख्य वन संरक्षक) की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि राजपुर रेंज में मादा हाथी की मौत 6 जून को हुई, लेकिन विभाग को इसकी जानकारी 11 जून को लगी। तब तक मादा हाथी का शव सड़ चुका था। डीएफओ प्रणय मिश्रा को दिए गए नोटिस में कहा गया, मानव-हाथी द्वंद नियंत्रण कार्य में यह घोर लापरवाही बरती गई है।

वहीं एसडीओ केएस खुटिया और रेंजर अनिल सिंह के निलंबन में कहा गया है कि दोनों ने अपने कार्य में गंभीर चूक की है। वन क्षेत्र में हाथी की मौत होने के बाद भी उनको इसकी जानकारी नहीं हुई। इसमें लापरवाही का भी पता चलता है। हाथियों की मौत के बाद भी इसकी सूचना अधिकारियों को नहीं दी गई, जबकि राजपुर वन परिक्षेत्र का मुख्यालय वहीं है। इसे देखते हुए दोनों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

तीन दिन में सूरजपुर में दो, बलरामपुर में एक मादा हाथी की हुई मौत
सूरजपुर में प्रतापपुर वनपरिक्षेत्र के गणेशपुर में 9 जून को गर्भवती हथिनी का शव मिला था। बताया गया कि दूषित पानी पीने से उसकी मौत हुई। इसके 24 घंटे बाद अगले ही दिन वहां से कुछ दूरी पर तालाब के पास दूसरी हथिनी का शव मिला। पास ही कीटनाशक के पैकेट पड़े हुए थे। इसके अगले ही दिन बलरामपुर में तीसरी हथिनी का सड़े-गले शव की सूचना मिली। बताया गया था कि इसकी मौत 5 दिन पहले ही हो चुकी थी।

तीनों हाथनियों की माैत के अलग-अलग कारण
वनमंत्री मोहम्मद अकबर ने बताया था कि पीसीसीएफ स्तर के अधिकारी के साथ-साथ डीएफओ, एसडीओ, रेंज आफिसर सहित सभी बड़े अधिकारी घटना स्थल पर मौजूद हैं। तीनों हाथनियों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई है। एक की मौत हृदयाघात, दूसरे की टाॅक्सीसिटी और तीसरे की इन्फेक्शन के कारण हुई है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में भारत सरकार के वाइल्ड लाइफ से जुड़े अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बात हुई है।

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