सुकमा : 102 नंबर पर लापरवाही/ महतारी एक्सप्रेस के कॉल सेंटर में नहीं रिसीव हुआ फोन, महिला ने आंगन में बच्चे को दिया जन्म, अस्पताल ले जाते समय मौत

छत्तीसगढ़
सुकमा में एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिलने पर शनिवार को एक नवजात की मौत हो गई। परिजन 102 नंबर पर कॉल सेंटर में फोन करते रहे, लेकिन रिसीव ही नहीं हुआ।
  • दोरनापाल के वार्ड नंबर 9 की घटना, एंबुलेंस बुलाने के लिए परिजन 102 नंबर पर करते रहे कॉल
  • बच्चे के जन्म के बाद भी कॉल किया, फिर ऑटो से ले जा रहे थे अस्पताल, रास्ते में हो गई मौत

सुकमा. छत्तीसगढ़ सरकार ने गर्भवती महिलाओं की सुविधा और सुरक्षित प्रसव के लिए महातरी एक्सप्रेस जैसे संसाधन उपलब्ध कराए हैं। बावजूद इसके संचालकों की लापरवाही के चलते यह बेमानी ही साबित हो रहे हैं। नक्सल प्रभावित जिले सुकमा में एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिलने पर शनिवार को एक नवजात की मौत हो गई। परिजन 102 नंबर पर कॉल सेंटर में फोन करते रहे, लेकिन रिसीव ही नहीं हुआ। मामला दोरनापाल क्षेत्र का है।

जानकारी के मुताबिक, दोरनापाल के वार्ड क्रमांक 9 निवासी श्याम सुनानी की पत्नी को शनिवार सुबह प्रसव पीड़ा हुई। इस पर श्याम ने महतारी एक्सप्रेस के कॉल सेंटर 102 नंबर पर कॉल किया, लेकिन रिसीव नहीं हुआ। काफी देर तक श्याम नंबर मिलाते रहे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इस बीच उनकी पत्नी ने आंगन में ही बच्चे को जन्म दे दिया। इसके बाद उन्होंने एंबुलेंस से जच्चा-बच्चा को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाना चाहा।

इसको लेकर एक बार फिर श्याम ने कॉल सेंटर में फोन किया, लेकिन इस बार भी कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद श्याम ऑटो से पत्नी और नवजात को लेकर किसी तरह अस्पताल पहुंचा। वहां डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है। श्याम ने इन सबके लिए कॉल सेंटर पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि अगर समय रहते अस्पताल पहुंच जाते तो ऐसा नहीं होता।

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