सीमा विवाद/ एलएसी पर चीन के 5000 सैनिक मौजूद, भारत ने भी बढ़ाई संख्या; प्रधानमंत्री ने एनएसए, सीडीएस के साथ मीटिंग की, जारी रहेगा सड़क निर्माण

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  • लद्दाख स्थित वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन की ओर से लगातार बढ़ रहा है विवाद
  • दोनों देशों के सैनिकाें के बीच इस माह 6 बार हुई बातचीत, हर बार बेनतीजा निकली

नई दिल्‍ली. भारत-चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर तनाव बरकरार है। चीनी सेना ने लद्दाख में वास्‍तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर अपने 5000 सैनिक तैनात कर दिए हैं। इसके बाद भारतने भी वहां अपनी सैनिकों की संख्या बढ़ा दी है। चीनी सेना का अतिक्रण रोकने के लिए भारतीय सेना इसके अलावा अन्य क्षेत्रों में भी अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है। वहीं इस गतिरोध पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को हाई लेवल मीटिंग की। इस बैठक में राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्‍टाफ जनरल बिपिन रावत और तीनों सेनाओं के प्रमुख शामिल हुए।

इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी सीडीएस (चीफ ऑफ डिफेंस स्‍टाफ) जनरल रावत और तीनों सेना प्रमुखों के साथ चीन से तनाव के मामले पर लंबी समीक्षा बैठक कर चुके हैं। राजनाथ सिंह को सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवाने इस मामले की स्थिति के बारे में पूरी जानकारी दी थी। वह दो दिन पहले ही लेह का दौरा करके लौटे हैं। वहीं भारतीय सेना के शीर्ष सैन्य कमांडर बुधवार से शुरू हो रहे तीन दिवसीय सम्मलेन के दौरान पूर्वी लद्दाख के कुछ इलाकों में भारत और चीनी सैनिकों के बीच तनावपूर्ण गतिरोध की गहन समीक्षा करेंगे। इसके साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर भी इस दौरान चर्चा की जाएगी।

भारत ने खारिज किया था चीन का दावा, 5 मई को हुआ था विवाद
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने चीन के उस आरोप को खारिज किया था कि भारतीय सैनिकों की ओर से चीन की ओर अतिक्रमण करने की वजह से तनाव बढ़ा। भारत की यह प्रतिक्रिया चीन के उस आरोप के दो दिन बाद आई थी, जिसमें उसने कहा था कि भारतीय सेना ने उसके क्षेत्र में अतिक्रमण किया। भारतीय और चीनी सैनिक 5 मई को पैंगोंग सो झील इलाके में भिड़ गए थे और इस दौरान लोहे की छड़ों, लाठियों से एक दूसरे पर हमला और पथराव किया था। 9 मई को भी भारतीय और चीनी सैनिकों में सिक्किम सेक्टर के नाकुला पास में झड़प हुई थी। इससे पहले डोकलाम में 2017 में 73 दिनों तक तक दोनों देशों के सैनिक आमने-सामने डटे हुए थे।

20 दिन में 6 बार बातचीत, हर बार कोई नतीजा नहीं
लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास पैंगोंग सो झील और गलवान घाटी में चीनी सेना तेजी से अपने सैनिकों की संख्या बढ़ा रही है। ऐसे में भारत भी चीन को करारा जवाब दे रहा है। भारत ने भी लद्दाख में वास्‍तविक नियंत्रण रेखा पर सैनिकों की संख्‍या बढ़ा दी है। साथ ही निगरानी और गश्‍त भी कड़ी कर दी है। पांच मई से अब तक दोनों देशों के सैनिकों के बीच 6 बार बातचीत हो चुकी है, लेकिन ये विफल रहीं। सूत्रों के मुताबिक चीन का कहना है कि भारत एलएसी पर अपने क्षेत्र में भी निर्माण कार्य नहीं करे। भारत ये मानने को तैयार नहीं है। भारत ने चीन से सीमा पर शांति बनाए रखने को कहा है। इसके बावजूद चीनी सैनिक भारतीय क्षेत्र से वापस नहीं जा रहे हैं।

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