पत्नी के चरित्र पर संदेह था, बीच चौराहे पर दौड़ाकर धारदार हथियार से युवक ने मार डाला

छत्तीसगढ़
Young man murdered his wife due to doubt on character in Bilaspur
  • बिलासपुर के मगरपारा चौक पर बुधवार दोपहर हुई वारदात, सीसीटीवी में कैद हुई घटना, आरोपी फरार
  • 11 साल के बच्चे ने बताया- मम्मी को पापा दौड़ाकर चापड़ से मारते रहे, कोई अंकल बचाने नहीं आए

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बुधवार दोपहर एक युवक ने बीच चौक पर अपनी पत्नी की धारदार हथियार से हत्या कर दी। महिला बचने के लिए भागती रही और उसका पति सड़क पर दौड़ा-दौड़ा कर चापड़ से वार करता रहा। इस दौरान जो भी बचाने के लिए पहुंचा, युवक ने उस पर हमला किया। इसके चलते लोग डरकर वहां से भागने लगे। आरोपी युवक ने अपने 11 साल के बेटे को भी मारने के लिए दौड़ाया, पर वह भाग कर छिप गया। वारदात के बाद अारोपी भाग निकला।

 

जानकारी के मुताबिक, तखतपुर क्षेत्र के ग्राम बीजा निवासी हरिश्चंद्र की पत्नी गोदावरी खूंटे (30) पति से विवाद होने के कारण अपने मायके कोरबा दर्री चली गई थी। इसके बाद वहां से 11 साल के बेटे को लेकर बिलासपुर आ गई और सिरगिट्टी में किराए से मकान लेकर रहने लगी। गोदावरी यहां मगरपारा स्थित एक निजी अस्पताल में काम करती थी। रोज की तरह बुधवार को अपने बेटे के साथ अस्पताल आई थी। दोपहर को उसका पति हरिश्चंद्र वहां पहुंचा और घर चलने के लिए जिद करने लगा। पहले गोदावरी ने मना किया, लेकिन बार-बार कहने पर तैयार हो गई।

तीनों अस्पताल से निकले और बातचीत करते मगरपारा चौक की ओर आ रहे थे। रास्ते में दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। इस पर हरिश्चंद्र ने छिपाकर लाया चापड़ निकालकर पत्नी पर हमला कर दिया। बचने के लिए गोदावरी भागी तो उसे दौड़ा-दौड़ा कर उस पर वार किया। इससे गोदावरी के सिर व बदन से खून बहने लगा और वह बेहोश होकर गिर पड़ी। हरिश्चंद्र ने बेटे को मारने के लिए दौड़ाया, तो वह मगरपारा चौक की ओर भाग निकला। इसके बाद हरिश्चंद्र भाग निकला। सूचना पर पुलिस पहुंची और गोदावरी को सिम्स लेकर आई। जहां डाॅक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मुझे मारने दौड़ाए तो अस्पताल में जाकर छिप गया था- पिंटू
पिता जी मां को लेने आए थे, वह जाना नहीं चाहती थी। पिता जी, गाली गलौज और मारपीट करते थे। अस्पताल से निकले तो रास्ते में मां को फिर से गालियां देने लगे। उसने मना की तो पिता जी गुस्से में आ गए और मारपीट शुरू कर दी। वे अपने साथ चापड़ लेकर आए थे। उससे मम्मी को दौड़ा-दौड़ाकर मारने लगे। आसपास बहुत सारे अंकल खड़े थे पर किसी ने आकर नहीं बचाया। मुझे भी दौड़ाए तो मैं भागकर अस्पताल में चला गया और वहां छिप गया

पत्नी के चरित्र पर आरोपी करता था संदेह
गांव बीजा के लोग बताते हैं कि हरिश्चंद्र अपनी पत्नी गोदावरी के चरित्र पर संदेह करता था। इसी के चलते दोनों के बीच आए दिन विवाद होता था। इसी के कारण गोदावरी उससे अलग होकर मायके रहने चली गई थी। होली के दिन हरिश्चंद्र को उसकी याद आ रही थी। वह नशे में कई बार गोदावरी का नाम लेता रहा। गांव से वह लेने के लिए आया था पर उसे अंदेशा था कि वह नहीं जाएगी। इसलिए वह हथियार छिपाकर अपने साथ लाया था।

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